आगरा में दर्दनाक हादसा: फ्लाईओवर से गिरी आम से भरी ट्रक, मॉर्निंग वॉक कर रहे 4 की मौत

आगरा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यमुना पार के ट्रांस यमुना इलाके में नेशनल हाईवे-19 पर एक आम से भरी तेज़ रफ्तार ट्रक फ्लाईओवर से नीचे गिर गई। हादसे में नीचे आराम कर रहे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। ट्रक का चालक भी बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ बैठा। यह हादसा उस वक्त हुआ जब कुछ लोग सुबह की सैर के बाद फ्लाईओवर के नीचे बैठकर विश्राम कर रहे थे।

कैसे हुआ हादसा?

हादसा शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रांस यमुना क्षेत्र के पास बने इस फ्लाईओवर पर एक आम से भरी तेज़ रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नीचे गिर गई। नीचे सड़क किनारे कुछ लोग सुबह की वॉक के बाद आराम कर रहे थे, जिन पर ट्रक सीधा आकर गिर गई।

धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।

चार की मौके पर मौत, ड्राइवर ने अस्पताल में तोड़ा दम

हादसे में दबे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। ट्रक चालक को बुरी तरह घायल अवस्था में एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। वहीं ट्रक में सवार उसका हेल्पर अभी भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक स्थानीय निवासी थे और रोज़ाना सुबह वॉक करने के बाद इसी स्थान पर बैठते थे।

घटनास्थल पर बिखरे आम और तबाही का मंजर

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रक में लदे आम सड़क पर बिखर गए और मलबे में लोगों की चप्पलें, बोतलें और अखबार जैसी चीजें भी पड़ी मिलीं। पुलिस ने क्रेन मंगाकर ट्रक को हटवाया और शवों को बाहर निकाला।

दृश्य इतना भयावह था कि स्थानीय लोग भी स्तब्ध रह गए। कई ने इसे “मौत की नींद सुला देने वाला खामोश हमला” कहा।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है कि ट्रक के गिरने के पीछे तकनीकी खराबी थी या चालक की लापरवाही। प्रारंभिक जांच में ट्रक की ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

एसपी ट्रैफिक प्रदीप कुमार सिंह ने कहा, “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ट्रक कैसे रेलिंग तोड़कर नीचे गिर गई। अगर फ्लाईओवर की संरचना में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय लोगों में गुस्सा और प्रशासन से मांग

इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने कहा कि फ्लाईओवर के पास कोई सुरक्षा बैरिकेडिंग या स्पीड ब्रेकर नहीं है और यहां ट्रकों की रफ्तार हमेशा अधिक रहती है। उन्होंने मांग की है कि:

फ्लाईओवर की रेलिंग को और मजबूत किया जाए

जगह-जगह स्पीड कंट्रोल उपाय लगाए जाएं

सुबह के समय भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगे

स्थानीय निवासी रवि अग्रवाल ने कहा, “हर सुबह हम यहां टहलते हैं। अब हमें डर लग रहा है कि सड़कें ही कब मौत का रास्ता बन जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता।”

राज्य सरकार और नगर निगम की प्रतिक्रिया

नगर निगम और एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को निर्देश दिए गए हैं कि वे फ्लाईओवर की मरम्मत और सुरक्षा के उपाय शीघ्र करें। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी हादसे का संज्ञान लिया है और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की घोषणा की है।


🔴 निष्कर्ष

आगरा का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है — हमारे शहरी बुनियादी ढांचे, तेज़ रफ्तार और लापरवाही का एक घातक मेल। सुबह की सैर करने निकले लोगों को क्या पता था कि वे कभी घर नहीं लौटेंगे।

अब समय आ गया है कि शहरों में सुरक्षित वॉक ज़ोन, भारी वाहनों की निगरानी और हाईवे फ्लाईओवर्स पर उचित बैरियर और संकेतक लगाए जाएं। यह हादसा आने वाले समय में नीति-निर्माताओं के लिए एक आंख खोलने वाला उदाहरण होना चाहिए।

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