इंडिगो एयरलाइंस के लगातार उड़ान रद्द होने और यात्रियों को हो रही परेशानियों को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। ममता ने कहा कि देशभर में हजारों यात्री फंसे हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर संकट पर “सोई हुई” नजर आ रही है।

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कई लोग विदेशों में फंसे हुए हैं, उनके परिवार परेशान हैं, लेकिन केंद्र की ओर से कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं दिख रहा। उन्होंने सवाल किया कि जब आम नागरिक परेशान हों, तब सरकार की जिम्मेदारी क्या नहीं बनती?
यात्रियों की परेशानी पर उठे सवाल
इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को हवाई अड्डों पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने होटल, वैकल्पिक फ्लाइट और रिफंड को लेकर शिकायतें की हैं। ममता ने कहा कि यह सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं है, बल्कि नागरिक उड्डयन व्यवस्था की जवाबदेही का सवाल है।
केंद्र से दखल की मांग
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति संभालने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब निजी एयरलाइंस इतने बड़े पैमाने पर सेवाएं बाधित करती हैं, तो नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र को आगे आना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
बीजेपी ने ममता के आरोपों को राजनीतिक बताया और कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय हालात पर नजर बनाए हुए है। वहीं विपक्षी दलों ने भी यात्रियों की मुश्किलों का हवाला देते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।
देश की ताज़ा राजनीति और प्रशासनिक खबरें पढ़ें: Click here
इंडिगो संकट ने एक बार फिर देश की विमानन व्यवस्था और संकट प्रबंधन पर बहस तेज कर दी है। यात्रियों को अब सरकार और एयरलाइंस, दोनों से राहत की उम्मीद है।
