उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पत्रकार पंकज मिश्रा की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के ही साथी पत्रकार अमित सहगल पर मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों द्वारा पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए जाने के बाद अब डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

मृतक के भाई अरविंद मिश्रा, निवासी आलमबाग (लखनऊ) की तहरीर पर देहरादून पुलिस ने आरोपी पत्रकार अमित सहगल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103, 304, 333 और 352 के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह घटना 15 दिसंबर की रात की है, जब अमित सहगल अपने एक अन्य साथी के साथ देहरादून के जाखन क्षेत्र स्थित पंकज मिश्रा के किराए के मकान पर पहुंचा था।
बेरहमी से पिटाई का आरोप
अरविंद मिश्रा का आरोप है कि अमित सहगल ने जान से मारने की नीयत से पंकज मिश्रा के साथ बेरहमी से मारपीट की। उनके अनुसार पंकज के सीने और पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिससे उनके मुंह से खून निकलने लगा। इतना ही नहीं, आरोप है कि घटना के दौरान अमित सहगल ने पंकज मिश्रा का मोबाइल फोन भी लूट लिया।
अगली सुबह यानी 16 दिसंबर को पंकज मिश्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से असंतुष्ट परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम की अपील की थी, जिसे प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।
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पुलिस जांच तेज
दून पुलिस ने मृतक के आवास का निरीक्षण कर लिया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में फेसबुक पोस्ट से शुरू हुए विवाद की भी जांच की जा रही है, जो इस पूरे घटनाक्रम की अहम कड़ी मानी जा रही है।
यह मामला न सिर्फ पत्रकार जगत में, बल्कि पूरे प्रदेश में गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है।
