लेड्स, इंग्लैंड। 25 जून 2025:
भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट मैच में विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की दो शानदार पारियों ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा। लेकिन जब पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम इंडिया के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर से सिर्फ पंत की तारीफ पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद सधी लेकिन दो टूक प्रतिक्रिया दी – “तीन और शतक लगे हैं…”।

गंभीर का यह बयान सोशल मीडिया और खेल पत्रकारिता के गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। क्या यह पंत की तारीफ से इनकार था? या टीम के बाकी बल्लेबाजों के योगदान को महत्व देना?
ऋषभ पंत की धमाकेदार वापसी
विकेटकीपर ऋषभ पंत ने इस टेस्ट में दोनों पारियों में शतक लगाकर न सिर्फ टीम इंडिया को संकट से निकाला, बल्कि अपनी फिटनेस और फॉर्म पर उठे सवालों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया। पहले पारी में उन्होंने 118 रनों की आक्रामक पारी खेली, वहीं दूसरी पारी में उन्होंने 102 रन बनाए। इन पारियों में उनका स्ट्राइक रेट और विकेट के पीछे की चुस्ती चर्चा में रही।
पंत ने लगभग डेढ़ साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की है, और ऐसे में दो शतक उनकी वापसी को ऐतिहासिक बना देते हैं।
पत्रकार ने पूछा – क्या पंत की पारियों ने मैच बदल दिया?
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में एक पत्रकार ने गौतम गंभीर से सवाल किया:
“पंत की दोनों पारियों को आप किस रूप में देखते हैं? क्या उनकी बल्लेबाज़ी ने मैच का रुख बदला?”
इस पर गंभीर ने थोड़ी सख्त लेकिन संतुलित प्रतिक्रिया दी –
“देखिए, ऋषभ ने शानदार बल्लेबाज़ी की, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन इस टेस्ट में कुल चार शतक लगे हैं, सिर्फ दो नहीं। शुभमन गिल, विराट कोहली और यशस्वी जायसवाल ने भी शतक लगाए हैं। टीम गेम में किसी एक को ही उभारना सही नहीं है।”
गंभीर का रुख – टीम के हर खिलाड़ी को समान महत्व
गौतम गंभीर अपने खेल के दिनों में भी टीम भावना के लिए पहचाने जाते थे। अब कोच के रूप में भी वह उसी सोच के साथ मैदान पर उतरते दिख रहे हैं।
उन्होंने कहा –
“टीम के चार खिलाड़ियों ने शतक लगाए हैं। इस जीत में पंत के साथ-साथ बाकी बल्लेबाजों और गेंदबाजों का भी बराबर योगदान है। हमें संतुलन बनाए रखना होगा।”
गंभीर का इशारा स्पष्ट था – मीडिया को भी टीम के सभी खिलाड़ियों के योगदान को बराबरी से दिखाना चाहिए, न कि किसी एक को “हीरो” बनाना।
सोशल मीडिया पर रिएक्शन – दो तरह की राय
गंभीर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बंट गईं।
कुछ लोगों ने कहा कि यह कोच की तरफ से सकारात्मक मैसेज है जो टीम स्पिरिट को बढ़ाता है, जबकि कुछ ने इसे पंत की शानदार पारियों को कम आंकने के रूप में देखा।
एक यूजर ने लिखा:
“गंभीर सच कह रहे हैं। ये टीम गेम है, किसी एक को हाइलाइट करना बाकी खिलाड़ियों के साथ अन्याय है।”
वहीं एक अन्य यूजर ने प्रतिक्रिया दी:
“पंत की वापसी और उनके दो शतक स्पेशल हैं। उन्हें वो क्रेडिट मिलना चाहिए जो बनता है।”
क्या है कोच गंभीर की रणनीति?
गौतम गंभीर को हाल ही में टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाया गया है, और यह उनकी पहली टेस्ट सीरीज है। कोच के रूप में उनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि लॉकर रूम के माहौल, मानसिक मजबूती और अनुशासन पर भी फोकस करना है।
गंभीर जानते हैं कि टीम का एकजुट रहना लंबे समय तक सफलता की कुंजी है। इसलिए वह चाहते हैं कि व्यक्तिगत प्रदर्शन को टीम की जीत से बड़ा न बनाया जाए।
मैच का हाल – भारत की शानदार जीत
भारत ने इंग्लैंड को पहले टेस्ट में 174 रनों से हराया।
शुभमन गिल (134), विराट कोहली (110), यशस्वी जायसवाल (103) और ऋषभ पंत (118, 102)* ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
गेंदबाजी में बुमराह और कुलदीप यादव ने मिलकर 14 विकेट लिए।
निष्कर्ष – पंत के शतक की तारीफ या पूरी टीम की जय?
गौतम गंभीर का बयान भले ही कुछ लोगों को सख्त लगा हो, लेकिन उनके पीछे की सोच स्पष्ट है –
“टीम इंडिया किसी एक सितारे से नहीं, पूरे यूनिट की ताकत से जीतती है।”
ऋषभ पंत की वापसी और उनके दो शतक निश्चित ही ऐतिहासिक हैं, लेकिन भारत की इस जीत में हर खिलाड़ी का योगदान अहम रहा। गंभीर ने यही संदेश देने की कोशिश की — क्रिकेट एक टीम गेम है, और हर खिलाड़ी हीरो है।
