भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया है। बीते कुछ समय से खराब फॉर्म और लगातार बेंच पर बैठने के कारण यह अटकलें तेज थीं कि पंत को टीम से बाहर किया जा सकता है, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन सभी कयासों को खारिज कर दिया। बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, पंत का चयन कभी भी खतरे में नहीं था।

दरअसल, ऋषभ पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। वह पूरी सीरीज में बैकअप विकेटकीपर की भूमिका में रहे, ऐसे में उनके प्रदर्शन को लेकर नकारात्मक आंकलन करना चयनकर्ताओं को सही नहीं लगा। यही वजह रही कि खराब फॉर्म की चर्चाओं के बावजूद उन्हें टीम से बाहर नहीं किया गया।
इसके अलावा, घरेलू क्रिकेट में पंत के शानदार प्रदर्शन ने भी चयनकर्ताओं का भरोसा मजबूत किया। विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली की ओर से खेलते हुए ऋषभ पंत ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और यह साबित किया कि उनमें अब भी मैच जिताने की क्षमता मौजूद है। चयनकर्ताओं ने उनके घरेलू क्रिकेट के प्रति समर्पण और फिटनेस को भी चयन का अहम आधार माना।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चयन समिति को पंत का अनुभव भी काफी अहम लगा। बड़े टूर्नामेंट्स और दबाव भरे मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड टीम मैनेजमेंट के लिए एक मजबूत प्लस पॉइंट रहा है। यही कारण है कि न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में उन्हें मौका देने का फैसला किया गया।
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वहीं, ईशान किशन को इस बार टीम में जगह नहीं मिल पाई। लगातार मौके मिलने के बावजूद उनके प्रदर्शन में स्थिरता की कमी और घरेलू क्रिकेट से दूरी को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज नहीं किया। फिलहाल, टीम मैनेजमेंट ने पंत पर भरोसा जताते हुए उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया है।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ इस भरोसे पर खरे उतर पाते हैं या नहीं।
