कोलकाता।
कोलकाता के कासबा स्थित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह दिल दहला देने वाला मामला बुधवार शाम को सामने आया, जब पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई। मामले में कॉलेज परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

यह घटना ठीक एक साल पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए गैंगरेप की याद ताजा कर रही है, जिसने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए थे।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम को 24 वर्षीय छात्रा कॉलेज में कुछ जरूरी काम से आई थी। उसी दौरान परिसर के एक सुनसान हिस्से में उसे कुछ लोगों ने जबरन पकड़ लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। छात्रा की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई और जांच शुरू हुई।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल कॉलेज परिसर के भीतर ही था और एक सुरक्षा गार्ड की संलिप्तता शुरू से ही संदिग्ध मानी जा रही थी। गहन पूछताछ के बाद एक सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो अन्य संदिग्ध फरार हैं।
पीड़िता का बयान
छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसे झांसा देकर कॉलेज के पिछवाड़े की ओर ले जाया गया, जहां पहले से दो लोग मौजूद थे। वहां उसके साथ जबरदस्ती की गई और धमकाया गया कि वह किसी को न बताए। इसके बावजूद, उसने हिम्मत दिखाई और थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस की विशेष टीम ने कॉलेज परिसर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली और घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच की। इसके आधार पर गिरफ्तार सुरक्षा गार्ड से पूछताछ की गई। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376D (गैंगरेप) और 120B (षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्र संघों और महिला संगठनों ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है।
कॉलेज की एक छात्रा ने बताया,
“कॉलेज के कई हिस्से रात को सुनसान रहते हैं और वहां रोशनी तक नहीं होती। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ नाममात्र की उपस्थिति होती है।”
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
घटना पर पश्चिम बंगाल महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है और पुलिस से जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने को कहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा,
“कॉलेज परिसरों में सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां छात्राएं खुद को सबसे सुरक्षित मानती हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
छात्रों में रोष और विरोध प्रदर्शन
घटना के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। कई छात्र संगठनों ने शुक्रवार को ‘ब्लैक डे’ मनाने का आह्वान किया है।
सुरक्षा पर गंभीर बहस
यह घटना कोलकाता जैसे बड़े शहर में उच्च शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेजों में पर्याप्त महिला सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी निगरानी और गुप्त हेल्पलाइन होनी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता मीरा भट्टाचार्य कहती हैं:
“हमने सालों से इस पर आवाज उठाई है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी परिसर को जेंडर-सेंसिटिव और सेफ बनाया जाए, लेकिन प्रशासन की उदासीनता इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है।”
सोशल मीडिया पर आक्रोश
जैसे ही घटना की खबर फैली, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर पर #KolkataGangRape, #LawCollegeAssault और #JusticeForStudent जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर कॉलेज परिसर सुरक्षित नहीं, तो छात्राएं कहां जाएं?
कानून क्या कहता है?
भारतीय कानून के तहत, गैंगरेप एक गंभीर अपराध है और दोषी पाए जाने पर उम्रकैद या मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। कॉलेज परिसर में सुरक्षा गार्ड की संलिप्तता होने के कारण मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
आगे की कार्रवाई
अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित
कॉलेज प्रशासन से जवाब-तलबी
कॉलेज परिसर में सुरक्षा समीक्षा शुरू
पीड़िता की काउंसलिंग और कानूनी सहायता जारी
निष्कर्ष
साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की यह घटना शिक्षा के मंदिरों में सुरक्षा के अभाव की गंभीर तस्वीर पेश करती है। जहां छात्राएं भविष्य गढ़ने आती हैं, वहां उनके साथ इस तरह की दरिंदगी चिंताजनक है। सवाल है – क्या सिर्फ गिरफ्तारी से बात खत्म हो जाएगी, या अब सिस्टम में स्थायी बदलाव की जरूरत है?
