गौचर में राज्यस्तरीय कृषि मेला शुरू हो गया है और पहले ही दिन मेले ने खास ध्यान खींच लिया। मेले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के बीच पहुंचे और सीधे खेत-खलिहान से जुड़ा संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीके से दूध बिलोया और ग्रामीण संस्कृति से अपना जुड़ाव दिखाया। इस दृश्य ने मेले में मौजूद किसानों और स्थानीय लोगों में उत्साह भर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती केवल रोजगार नहीं, बल्कि संस्कृति और आत्मनिर्भरता का आधार है, जिसे मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

कृषि मेले में आधुनिक खेती, जैविक कृषि, पशुपालन और नई तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई है। विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसानों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

शिवराज चौहान ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रही है और तकनीक को गांव तक पहुंचाया जा रहा है।

दूध बिलोन के दौरान शिवराज चौहान ने पशुपालन के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों की आमदनी बढ़ाने का मजबूत जरिया है। सरकार डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है। उन्होंने युवाओं से खेती और पशुपालन को आधुनिक नजरिए से अपनाने की अपील की। मंत्री ने यह भी कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें सही नीति और सहयोग से साकार किया जा सकता है।

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राज्यस्तरीय कृषि मेले में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे हैं। स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। विशेषज्ञ किसानों को नई किस्मों, उन्नत बीज और सिंचाई तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। मेले को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आयोजन से क्षेत्र में कृषि जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है और किसानों को सीधे लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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