ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश बिकाऊ नहीं है और वह अमेरिका का हिस्सा बनने का कोई इरादा नहीं रखता। यह बयान उस समय आया जब अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रीनलैंड की पहचान, संस्कृति और राजनीतिक स्थिति पर किसी बाहरी ताकत का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क के साथ अपनी साझेदारी और एकता को मजबूत बनाए रखेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है, क्योंकि ग्रीनलैंड रणनीतिक और संसाधनों के लिहाज से बेहद अहम क्षेत्र माना जाता है।
