चार साल में पीने लायक होगी यमुना! केंद्र सरकार का बड़ा दावा, अगले लोकसभा चुनाव से पहले साफ करने का लक्ष्य
नई दिल्ली | 29 मई 2025 — केंद्र सरकार ने यमुना नदी की सफाई को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। जल शक्ति मंत्रालय का कहना है कि अगले चार सालों में यानी 2029 तक यमुना का पानी इतना साफ हो जाएगा कि उसे पीने लायक बनाया जा सकेगा। सरकार का यह लक्ष्य 2029 के आम चुनावों से पहले हासिल करने का है।

यमुना सफाई को लेकर लंबे समय से अभियान चल रहे हैं, लेकिन पहली बार सरकार ने इतनी स्पष्ट और समयबद्ध योजना प्रस्तुत की है। जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान को तेज़ गति देने के लिए अब 500 वॉलंटियर की भर्ती भी की जा चुकी है, जो सफाई कार्यों की निगरानी और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देंगे।
पीएम मोदी की खास निगरानी में प्रोजेक्ट
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस परियोजना पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रोजेक्ट को राजनीतिक प्रचार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मिशन के तौर पर लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सफाई कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता बनी रहे।
तीन स्तर पर चल रहा है काम
सरकार की योजना के तहत यमुना की सफाई तीन प्रमुख स्तरों पर की जा रही है:
- सीवेज ट्रीटमेंट — नई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स बनाए जा रहे हैं और पुराने प्लांट्स की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
- घरों और उद्योगों से निकलने वाला अपशिष्ट — इसे यमुना में सीधे गिरने से रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है।
- जन भागीदारी — लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है, ताकि जागरूकता बढ़े और साफ-सफाई को स्थायी बनाया जा सके।
दिल्ली-NCR को मिलेगी बड़ी राहत
यमुना सफाई का सीधा असर दिल्ली और आसपास के इलाकों पर पड़ेगा, जहां लोग वर्षों से बदबूदार और प्रदूषित यमुना के कारण परेशान हैं। अगर यह योजना सफल होती है, तो दिल्ली-NCR के करोड़ों लोगों को स्वच्छ पर्यावरण के साथ-साथ पीने योग्य जल का एक नया स्रोत मिल सकता है।
राजनीतिक नजरिए से भी अहम
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देश में 2029 के आम चुनाव की तैयारी धीरे-धीरे शुरू हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यमुना सफाई जैसे बड़े पर्यावरणीय मुद्दे भाजपा के लिए चुनावी लाभ का कारण बन सकते हैं, खासकर शहरी मतदाताओं के बीच।
