जासूसी के आरोप में पंजाब का यूट्यूबर जसबीर सिंह गिरफ्तार
रूपनगर, पंजाब (4 जून, 2025):
पंजाब पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में यूट्यूबर जसबीर सिंह को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जसबीर, जो पंजाब के महलां गांव (जिला रूपनगर) का निवासी है, ‘जान महल’ नामक यूट्यूब चैनल संचालित करता है। पुलिस के अनुसार, जसबीर सिंह का संबंध एक आतंक समर्थित अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क से है। इस नेटवर्क में पाकिस्तान से जुड़े एजेंटों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि जसबीर सिंह को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि आरोपी लंबे समय से जासूसी गतिविधियों में संलग्न था और संवेदनशील सूचनाएं संदिग्ध स्रोतों को पहुंचा रहा था।
डीजीपी ने बताया कि जसबीर सिंह की करीबी संपर्कों की जांच में हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का नाम भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह भी इस नेटवर्क में शामिल थी या केवल संपर्क में थी।
आतंकी नेटवर्क से संबंध
जसबीर सिंह का नाम शाकिर उर्फ जट्ट रंधावा से भी जुड़ा है, जिसे पहले ही एक आतंक समर्थित जासूसी नेटवर्क से संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। शाकिर की गिरफ्तारी के बाद से ही पंजाब पुलिस इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही थी और इसी कड़ी में जसबीर सिंह का नाम सामने आया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क भारत की सुरक्षा एजेंसियों, सैन्य ठिकानों और सीमावर्ती इलाकों से संबंधित जानकारियां जुटाकर दुश्मन ताकतों तक पहुंचा रहा था। जसबीर सिंह पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए संवेदनशील डेटा साझा करने का भी संदेह है।
सोशल मीडिया की आड़ में राष्ट्रविरोधी गतिविधियां
‘जान महल’ यूट्यूब चैनल के ज़रिए जसबीर सिंह सामाजिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर वीडियो बनाता था। चैनल के लाखों फॉलोअर्स हैं, जिससे उसे एक व्यापक दर्शक वर्ग मिला हुआ था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी लोकप्रियता का फायदा उठाकर जसबीर ने नेटवर्क को सूचनाएं एकत्र करने और प्रसारित करने का माध्यम बनाया।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि चैनल पर दिखाए गए किसी कंटेंट का उपयोग जासूसी के लिए किया गया था या नहीं। यूट्यूब चैनल और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस मामले में अब केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। पंजाब पुलिस ने कहा है कि केस की गंभीरता को देखते हुए जांच को राष्ट्रीय स्तर पर साझा किया जा रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस नेटवर्क के तार देश के अन्य हिस्सों या विदेशों से तो नहीं जुड़े हैं।
निष्कर्ष
जसबीर सिंह की गिरफ्तारी एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग किस हद तक राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। यह मामला सिर्फ एक यूट्यूबर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल स्पेस में छिपे खतरे की गंभीर चेतावनी है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। जनता से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों को नजरअंदाज न करें और ऐसी सूचनाओं को तुरंत संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करें।
