दिल्ली में बढ़ते दिल्ली प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की सांसें भारी कर दी हैं। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है और आम जनजीवन पर इसका सीधा असर दिख रहा है। इस बीच दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में तुरंत सुधार की उम्मीद नहीं है।

बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात चिंताजनक हैं और सरकार स्थिति को हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल सर्दियों के आखिरी दिनों में AQI का स्तर 400 के पार चला गया था और इस साल भी राजधानी को इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम की परिस्थितियां और प्रदूषण के कई स्रोत मिलकर हालात को और जटिल बना रहे हैं।
मनजिंदर सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले सप्ताह में हालात को कंट्रोल करने के लिए कई सख्त फैसले लागू किए जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा कदम 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम की जा सके और प्रदूषण के स्तर पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सके।
इसके अलावा सरकार निर्माण कार्यों पर निगरानी, धूल नियंत्रण के उपाय, और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और रोजाना AQI की समीक्षा की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि केवल प्रशासनिक कदमों से ही नहीं, बल्कि जनता के सहयोग से ही हालात में सुधार संभव है।
दिल्ली से जुड़ी ताज़ा खबरें: Click here
डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली हवा से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है। ऐसे में विशेषज्ञ लोगों को घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, सरकार के बयान से साफ है कि दिल्ली प्रदूषण से तुरंत राहत मिलना मुश्किल है, लेकिन हालात को काबू में करने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में ये कदम कितने असरदार साबित होते हैं।
