पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के रिश्तों में साफ़ दूरी नजर आने लगी है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह राज्य की सभी सीटों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ेगी। इस फैसले के बाद बंगाल की राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

कांग्रेस का फोकस बेरोज़गारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर रहने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि टीएमसी लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण एंटी-इनकम्बेंसी का सामना कर रही है। साथ ही कांग्रेस खुद को एक वैकल्पिक सेक्युलर विकल्प के तौर पर पेश करना चाहती है। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह स्टैंड उसे बंगाल की सियासत में कितनी मजबूती दिला पाता है।

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By ARPITA SARKAR

पत्रकारिता में करीब 2 साल का अनुभव रखने वाली अर्पिता सरकर, वर्तमान में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में BJMC की छात्रा हैं। उन्होंने कंटेंट राइटिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में दो साल काम किया है, विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लेख व वीडियो स्क्रिप्ट तैयार की हैं। अर्पिता भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और क्राइम रिपोर्टिंग पर पैनी नजर रखती हैं।

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