नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर 2025 में भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली आ रहे हैं। यह उनकी पहली यात्रा होगी, जो यूक्रेन युद्ध के बाद दोनों देशों के बदलते संबंधों की नई दिशा तय करेगी।

दो दिवसीय यात्रा में रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और व्यापार पर अहम बातचीत होगी। भारत S-500 एयर डिफेंस सिस्टम पर चर्चा कर सकता है। यह इस दौरे का सबसे बड़ा माना जा रहा है।


रक्षा समझौते: S-500 पर नजर

भारत रूस के साथ अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक पर बात करेगा।

  • S-500 सिस्टम भारत की वायु सुरक्षा को बड़ा अपग्रेड दे सकता है।
  • इससे पहले भारत S-400 का सफल इस्तेमाल कर चुका है।
  • उन्नत रडार और मिसाइल इंटरसेप्शन इसकी खासियत है।

रूस के साथ भारत की पुरानी सैन्य साझेदारी यात्रा का अहम हिस्सा रहेगी।


ऊर्जा और तेल व्यापार पर भी जोर

यूक्रेन संकट के बाद भारत ने रूस से तेल खरीद रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाई है।

  • सस्ते रूसी तेल से भारतीय रिफाइनरियों को राहत मिली।
  • गैस-ऊर्जा सहयोग को और विस्तार देने की चर्चा होगी।

दोनों देश न्यूक्लियर एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर भी समीक्षा करेंगे।

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टेक्नोलॉजी, स्पेस और व्यापार

  • अंतरिक्ष तकनीक में संयुक्त मिशन पर चर्चा हो सकती है।
  • डिजिटल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर सहयोग एजेंडे में होगा।
  • व्यापार बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर काम होगा।

इस यात्रा का महत्व

यह दौरा बताएगा कि भारत और रूस नई वैश्विक परिस्थितियों में अपनी पुरानी साझेदारी को कैसे नए रूप में आगे बढ़ाते हैं।

By ARPITA SARKAR

पत्रकारिता में करीब 2 साल का अनुभव रखने वाली अर्पिता सरकर, वर्तमान में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में BJMC की छात्रा हैं। उन्होंने कंटेंट राइटिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में दो साल काम किया है, विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लेख व वीडियो स्क्रिप्ट तैयार की हैं। अर्पिता भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और क्राइम रिपोर्टिंग पर पैनी नजर रखती हैं।

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