उत्तराखंड के युवाओं के लिए राहत और गर्व की खबर सामने आई है युवा स्वरोजगार को बढ़ावा देने में पौड़ी गढ़वाल प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है सरकारी आंकड़ों में पौड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया है।

राज्य सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ यहां के युवाओं को मिला है युवाओं ने रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है पौड़ी जिले में सबसे ज्यादा युवाओं ने अपने व्यवसाय शुरू किए हैं।
दूसरे स्थान पर अल्मोड़ा जिला रहा है यहां स्वरोजगार योजनाओं में युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है तीसरे स्थान पर पिथौरागढ़ जिला रहा है इन दोनों जिलों ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने अहम भूमिका निभाई है इस योजना के तहत युवाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराया गया प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दिया गया परिणामस्वरूप युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
पौड़ी जिले में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिला है डेयरी, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन लोकप्रिय हुए हैं इसके अलावा छोटे स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र में भी काम बढ़ा है।
अल्मोड़ा में हस्तशिल्प और पर्यटन आधारित स्वरोजगार आगे बढ़ा है पिथौरागढ़ में सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं ने नए प्रयोग किए हैं स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ा गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है आने वाले समय में और जिलों को भी आगे लाया जाएगा डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवा स्वरोजगार ही भविष्य की कुंजी है इससे पलायन पर भी रोक लगेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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पौड़ी की सफलता अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन गई है युवा अब अपने सपनों को अपने ही जिले में पूरा कर रहे हैं।
