कोरोना महामारी की भयावह यादों के बीच पश्चिम बंगाल में एक बार फिर स्वास्थ्य संकट की आहट सुनाई दे रही है। राज्य में घातक निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों से हड़कंप मच गया है। उत्तर 24 परगना के बारसात स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो नर्सों के निपाह वायरस से संक्रमित होने की आशंका जताई गई है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके बाद राज्य और केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई हैं।

इस आपात स्थिति को देखते हुए राज्य सचिवालय नवान्न में लगातार बैठकों का दौर जारी है। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
राज्य सरकार ने संभावित प्रभावित इलाकों की पहचान और संपर्क में आए लोगों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे चमगादड़ों द्वारा खाए गए या गिरे हुए फलों से दूरी बनाए रखें, क्योंकि निपाह वायरस का मुख्य स्रोत चमगादड़ माने जाते हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी दी कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। निजी अस्पतालों के लिए भी अलग से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया जा रहा है। संक्रमित नर्सों के संपर्क में आए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है और वायरस के स्रोत का पता लगाने की कोशिश जारी है।
केंद्र सरकार भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर को सक्रिय कर दिया गया है और विशेषज्ञों की एक नेशनल आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम बंगाल भेजी गई है।
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प्रारंभिक जांच में कल्याणी एम्स की लैब में निपाह वायरस की आशंका सामने आई है। चूंकि निपाह एक नोटिफायबल डिजीज है, इसलिए विस्तृत जांच रिपोर्ट विश्लेषण के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
