पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा और अहम फैसला सामने आया मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के खेल मंत्री का इस्तीफा स्वीकार किया यह निर्णय ऐसे समय आया, जब सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर रही।

हाल ही में आयोजित मेसी इवेंट के बाद विवाद शुरू हुआ विपक्ष ने इस आयोजन को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए खर्च, प्रबंधन और प्राथमिकताओं पर सवाल उठे।
धीरे-धीरे मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बना विधानसभा से लेकर सड़क तक विरोध देखने को मिला सोशल मीडिया पर भी सरकार की आलोचना तेज हुई।
इस पूरे विवाद में खेल मंत्री विपक्ष के निशाने पर आए विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग तेज की सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता गया।
स्थिति संभालने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समीक्षा की इसके बाद खेल मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने का फैसला लिया गया सरकार की ओर से इसे प्रशासनिक कदम बताया गया।
सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी विवाद को और बढ़ने से रोकना चाहती थीं सरकार किसी भी तरह का नकारात्मक संदेश देना नहीं चाहती थी इसी वजह से यह सख्त फैसला लिया गया।
इस्तीफे के बाद विपक्ष ने इसे अपनी जीत बताया बीजेपी और कांग्रेस ने कहा कि सरकार को जवाबदेही तय करनी पड़ी विपक्ष का दावा रहा कि दबाव का असर साफ दिखा।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया पार्टी के अनुसार इस्तीफा स्वेच्छा से दिया गया सरकार ने हमेशा पारदर्शिता के साथ काम किया।
मेसी इवेंट को राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय पहचान से जोड़ा लेकिन आयोजन के बाद उठे सवालों ने माहौल बदल दिया यही विवाद इस राजनीतिक फैसले की वजह बना।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फैसला रणनीतिक रहा इससे ममता सरकार ने सख्त संदेश देने की कोशिश की आने वाले दिनों में इसका असर राजनीति पर दिख सकता है।
फिलहाल खेल विभाग की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से संभाली जा रही जल्द ही नए खेल मंत्री की घोषणा संभव मानी जा रही पूरा मामला अभी भी राजनीतिक चर्चा में बना हुआ।
राजनीति से जुड़ी और खबरों के लिए यहां क्लिक करें click here
कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल खेल मंत्री का इस्तीफा सरकार के लिए अहम मोड़ माना जा रहा अब सबकी नजरें आगे की राजनीतिक चालों पर टिकीं।
