झारखंड : लोहरदगा ज़िले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश की वजह से ज़िले की नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं। इसी बीच लोहरदगा-भंडरा-रांची नेशनल हाईवे पर स्थित एक पुल पर तेज़ बहाव में बाइक सवार दो युवक फंस गए। दोनों युवक जोखिम उठाकर पुल पार करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पानी के तेज बहाव ने उन्हें बीच पुल पर ही जकड़ लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर यात्रा कर रहे थे। अचानक बीच पुल पर पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि बाइक संतुलन खो बैठी और एक युवक को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाइक से कूदकर उतरना पड़ा। हालांकि दूसरा युवक डर और हड़बड़ी में बाइक के साथ पुल के बीचोंबीच फंस गया।

यह घटना ग्रामीणों की नजर में आते ही हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी। राहत की बात यह रही कि नजदीकी गांवों के लोग और प्रशासनिक टीमें सक्रिय थीं। उन्होंने बिना देर किए रस्सी और अन्य उपकरणों की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, जब तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होता, बाइक तेज बहाव में बह चुकी थी।

इस घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल को बंद कर दिया है। पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया गया है, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की जानलेवा गलती न कर सके।

प्रशासन की चेतावनी

प्रशासन ने जिले के सभी लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। ज़िले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों और कामकाजी लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने इलाकों में सतर्कता बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें। स्कूलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आवश्यक स्थिति में छुट्टी देने के आदेश जारी किए जा सकते हैं।

गांव वालों की भूमिका

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में ग्रामीणों की भूमिका बेहद सराहनीय रही। जब युवक फंसा था, तब सबसे पहले गांव के ही कुछ युवकों ने पानी में उतरकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही प्रशासन की टीम पहुंची, उन्होंने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल पर पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।

क्या कहती है प्रशासनिक टीम

लोहरदगा जिला अधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिले की सभी नदियों पर नज़र रखी जा रही है और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है।”

उन्होंने यह भी बताया कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है और वहां अतिरिक्त पुलिस बल और एनडीआरएफ टीमों की तैनाती की जा रही है।

जल प्रलय की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों में झारखंड के कई हिस्सों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है। इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने सभी पंचायतों और वार्ड स्तर पर चेतावनी जारी कर दी है। साथ ही, सभी ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां से 24×7 निगरानी रखी जा रही है।

जनता को सुझाव

  1. नदी, तालाब और जलभराव वाले स्थानों के पास न जाएं।
  2. बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने दें।
  3. स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  4. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 या स्थानीय प्रशासनिक कंट्रोल रूम पर संपर्क करें।

निष्कर्ष

लोहरदगा में घटित यह घटना एक चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सतर्कता और जागरूकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। दो युवकों की जान तो बच गई, लेकिन यह घटना स्पष्ट करती है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा बन सकती है। ग्रामीणों और प्रशासन की सजगता ने जहां एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया, वहीं यह भी स्पष्ट हो गया कि ऐसे पुलों और स्थानों पर सख्त निगरानी और रोकथाम बेहद जरूरी है।

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