पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संघियों ने देश के लोकतंत्र को इस पड़ाव पर ला खड़ा किया है, जहां नागरिकों को अपने वोट को बचाने की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।

लालू यादव ने यह बयान विपक्षी गठबंधन की बैठक के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने मौजूदा केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सरकार अब आम जनता से उनका मतदान का अधिकार भी छीनने की कोशिश कर रही है।”
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, लालू का यह बयान आगामी बिहार चुनावों और 2029 की रणनीति के मद्देनज़र बेहद अहम माना जा रहा है। वह लगातार भाजपा और संघ के खिलाफ तीखा रुख अपनाए हुए हैं।
लालू ने अपने संबोधन में कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर की जा रही हैं, और EVM से लेकर वोटर लिस्ट तक हर जगह छेड़छाड़ की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने कहा, “हमारे देश का संविधान खतरे में है, और अगर अब भी हम नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियों को वोट देने का हक भी शायद न मिले। यह सिर्फ एक चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का सवाल है।”
राजद प्रमुख ने विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि देश में संविधान बचाने के लिए जन आंदोलन की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने वोट की ताकत को समझें और उसे किसी के हाथों में गिरवी न रखें।
भाजपा की तरफ से अभी इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने निजी तौर पर इसे ‘राजनीतिक ड्रामा’ बताया है। उन्होंने कहा कि लालू यादव भ्रष्टाचार के मामलों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
हालांकि, विपक्षी दलों ने लालू यादव के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और केंद्र सरकार लगातार संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रही है।
लालू यादव पहले भी कई बार भाजपा और संघ पर हमला बोल चुके हैं, लेकिन इस बार उनके शब्दों की तीव्रता यह दर्शा रही है कि विपक्ष अब चुनावी मोड में पूरी तरह उतर चुका है।
