कूचबिहार, पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में गुरुवार रात तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता पर हुए हमले ने राज्य की सियासत में तूफान ला दिया है। झिनईडांगा इलाके में रात करीब 11 बजे अज्ञात हमलावरों ने TMC नेता राजू डे को गोली मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए BJP विधायक सुकुमार रॉय के बेटे और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हमलावर जिस काली कार से आए थे, वह गाड़ी विधायक सुकुमार रॉय के नाम पर रजिस्टर्ड है।

राजू डे, कूचबिहार प्रखंड-2 पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष हैं। पुलिस का कहना है कि हमले में राजू डे के दाहिने कंधे पर गोली लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है।

पुलिस ने बताया कि हमलावर वारदात के बाद अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने उस काली रंग की कार को जब्त कर लिया है और मौके से अन्य सबूत भी इकट्ठा किए हैं।

जांच के दौरान सामने आया कि हमले के वक्त कार में विधायक का बेटा मौजूद था, जिसे चश्मदीदों ने पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने अब तक चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। कार के ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। TMC ने हमले के पीछे BJP का हाथ बताया, जबकि BJP ने इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि उनके विधायक और परिवार को फंसाया जा रहा है।

TMC प्रवक्ताओं ने मीडिया से कहा कि यह हमला लोकतंत्र पर हमला है, और यह दर्शाता है कि बीजेपी के लोग अब खुलेआम हिंसा पर उतर आए हैं। उन्होंने CBI जांच की मांग भी उठाई है।

वहीं, BJP का कहना है कि राज्य सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है और राजनीतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच होती है तो असली सच्चाई सामने आएगी।

घटना के बाद कूचबिहार और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी पंचायत चुनाव से पहले यह घटना राज्य की राजनीति को और भी गर्म कर सकती है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।

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