चूरू, राजस्थान | 9 जुलाई 2025:
भारतीय वायुसेना (IAF) का एक Jaguar फाइटर जेट बुधवार को राजस्थान के चूरू जिले के भाणोदा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना दोपहर करीब 1:25 बजे हुई, जब विमान ने सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी। जेट एक कृषि क्षेत्र में आकर गिरा। हादसे के वक्त जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिससे आस-पास के गांवों में हड़कंप मच गया।

स्थानीय पुलिस और वायुसेना की पुष्टि


राजलदेसर थाना प्रभारी कमलेश ने पीटीआई को बताया कि विमान खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। घटनास्थल पर IAF और स्थानीय पुलिस की टीमें मौजूद हैं। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने भी इस हादसे की पुष्टि की है, लेकिन पायलट की स्थिति के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है।

तीसरी बार हुआ हादसा इस साल
यह वर्ष 2025 में IAF के Jaguar विमान से जुड़ा तीसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले जनवरी और अप्रैल में भी दो Jaguar विमान तकनीकी खामी के कारण क्रैश हो चुके हैं। लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने वायुसेना के पुराने बेड़े और तकनीकी रखरखाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

गांव वालों ने बताई भयावह स्थिति
भाणोदा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि तेज़ आवाज़ के साथ आसमान से धुआं निकलता दिखा और कुछ ही सेकंड में विमान खेत में गिर गया। कुछ लोगों ने बताया कि विमान गिरने से पहले उसमें आग लग चुकी थी। हालांकि, जमीन पर किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, जो राहत की बात है।

रक्षा मंत्रालय का बयान
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना तकनीकी खामी से हुई या अन्य कारण से। बयान में यह भी कहा गया है कि “पायलट की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जैसे ही कोई अपडेट होगा, जानकारी दी जाएगी।”

Jaguar विमान की खासियत
Jaguar एक ग्राउंड अटैक और स्ट्राइक एयरक्राफ्ट है, जिसे भारत ने ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग से विकसित किया था। भारतीय वायुसेना में यह 1979 से सेवा में है और अब भी सीमित संख्या में सक्रिय है। हालांकि इसकी जगह धीरे-धीरे अत्याधुनिक विमान जैसे तेजस और राफेल ले रहे हैं।

तकनीकी खामियों पर उठते सवाल
लगातार हो रही Jaguar दुर्घटनाओं ने IAF के विमानों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े किए हैं। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इन पुराने विमानों का बेड़ा अब सेवा से हटाने योग्य हो चुका है, और इनके मेंटेनेंस में अत्यधिक लागत भी आती है।

NDRF और पुलिस की टीमें मौके पर
घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए NDRF और पुलिस बल को तैनात किया गया है। इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। किसी भी विस्फोटक या खतरनाक मलबे से निपटने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

स्थानीय प्रशासन की तत्परता
चूरू जिला प्रशासन ने घटना पर निगरानी रखने के लिए आपदा प्रबंधन सेल को सक्रिय कर दिया है। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं और सुरक्षा टीमों के निर्देशों का पालन करें।

निष्कर्ष
IAF के Jaguar विमान का यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि भारतीय वायुसेना को अपने पुराने विमानों की समीक्षा कर आधुनिक बेड़े को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, पायलट की स्थिति को लेकर देश भर में चिंता है। सरकार और वायुसेना से जल्द ही स्पष्ट जानकारी की उम्मीद की जा रही है

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