आगरा/मेरठ। उत्तर प्रदेश के आगरा और मेरठ शहरों में बुधवार 23 जुलाई 2025 को स्थित कई निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली, जिससे दोनों शहरों में हड़कंप मच गया। बम डिस्पोजल टीम और डॉग स्क्वॉड द्वारा स्कूल परिसरों में गहन तलाशी ली गई, लेकिन अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह धमकी सुबह के समय आई, जब स्कूलों में नियमित कक्षाएं चल रही थीं।

सुरक्षा कारणों से कई स्कूलों को तत्काल खाली करवा दिया गया और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। परिजनों को सूचना दी गई और स्कूल परिसरों को चारों तरफ से सील कर तलाशी अभियान चलाया गया।

कोलकाता से जुड़ा सुराग

मेरठ के एसीपी अविनाश भोसले ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिले हैं कि धमकी भरे ईमेल कोलकाता से भेजे गए थे। “हम तकनीकी जांच के माध्यम से मेल भेजने वाले की लोकेशन और पहचान का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर सेल की टीम सक्रिय है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है,” उन्होंने कहा।

स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में दहशत

बम की धमकी से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में भारी दहशत फैल गई। कई अभिभावक तुरंत स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले गए। आगरा के एक नामी निजी स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया, “हमें जैसे ही मेल मिला, हमने तुरंत पुलिस को सूचित किया और सभी छात्रों को खाली मैदान में एकत्रित किया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की।”

मेरठ के एक स्कूल में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। बच्चों को तुरंत क्लास से बाहर निकाला गया और स्कूल की इमारत को पूरी तरह खाली कर जांच की गई।

पुलिस की कार्रवाई

स्थानीय पुलिस के अलावा एंटी-टेरर स्क्वॉड, बम डिस्पोजल यूनिट और साइबर क्राइम विशेषज्ञों की टीम घटनास्थलों पर तैनात रही। अधिकारियों ने बताया कि यह धमकी बेहद गंभीर थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है और सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है।

कई स्कूलों में छुट्टी की घोषणा

धमकी के बाद एहतियातन कई निजी स्कूलों ने आज की छुट्टी घोषित कर दी और अभिभावकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें।

साइबर सेल की जांच में जुटी टीम

साइबर सेल अब उन आईपी ऐड्रेस और सर्वर्स को ट्रेस करने में जुटी है, जिनसे ये ईमेल भेजे गए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह एक शरारती हरकत हो सकती है या किसी प्रकार की अफरातफरी फैलाने की साजिश।

जनता से अपील

पुलिस ने आम जनता और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।

निष्कर्ष

बम की धमकी भले ही फर्जी निकली हो, लेकिन इससे यह स्पष्ट हो गया है कि हमारे स्कूल कितने असुरक्षित हो सकते हैं। इस घटना ने प्रशासन और समाज दोनों को सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। पुलिस जांच जारी है और जल्द ही धमकी देने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।


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