लालू प्रसाद यादव के परिवार में एक बार फिर गहरी दरार सामने आई है, जब उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक बयान देकर परिवार से दूरी लेने की घोषणा की। रोहिणी का आरोप है कि उन्हें “अपमानित, गंदे शब्दों से गाली दी गई और चप्पल उठाकर उन्हें पीटने की नीयत भी जताई गई।”

उनका कहना है कि यह सब Tejashwi यादव के करीबियों — संजय यादव और रमीज़ — के निर्देश पर किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी किडनी, जो उन्होंने अपने पिता को दान की थी, अब परिवार में तिरस्कार का विषय बन गई है।
रोहिणी ने अपने X (पहले ट्विटर) पोस्ट में लिखा है:
“कल मुझे गालियाँ दी गईं, मुझे ‘गंदी’ कहा गया और कहा गया कि मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवाई… साथ ही चप्पल से मारने की धमकी दी गई।”
उन्होंने आगे कहा कि वे आत्म-सम्मान पर समझौता नहीं कर सकतीं और इसलिए उन्होंने सच बोलने का फैसला किया – बेशक उसे सहना पड़ा।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद BJP ने लालू परिवार पर तीखा तंज कसते हुए इसे “पितृ-प्रधान, महिला-विरोधी मानसिकता” का सबूत कहा है।
रोहिणी की घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की हार के तुरंत बाद आई है, जिससे माना जा रहा है कि यह राजनीतिक और पारिवारिक दोनों तरह की अंदरूनी लड़ाई का संकेत है।
