दोपहर में सोना हमेशा नुकसानदायक नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी देर और किस समय सोते हैं। कई लोग दोपहर के खाने के बाद हल्की नींद ले लेते हैं। इससे शरीर को आराम मिल सकता है। लेकिन गलत तरीके से सोना नुकसान भी पहुंचा सकता है।

दोपहर में सोना शरीर को एनर्जी दे सकता है। 15 से 20 मिनट की झपकी थकान को दूर कर सकती है। अगर काम का बोझ अधिक हो, तो यह छोटा सा ब्रेक तनाव कम करने में मदद करता है। इससे शरीर हल्का महसूस करता है और मस्तिष्क को आराम मिलता है।
थोड़ी देर की नींद दिमाग को भी फायदा पहुंचाती है। यह याददाश्त को मजबूत कर सकती है। इससे ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ सकती है। कई शोध बताते हैं कि छोटी नींद मानसिक प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। पढ़ाई या ऑफिस वर्क में भी इसका लाभ मिलता है।
लेकिन ज्यादा देर की नींद नुकसान कर सकती है। लंबे समय तक सोने से शरीर सुस्त हो जाता है। इससे रात की नींद भी प्रभावित होती है। यह सिरदर्द, थकान और आलस की वजह बन सकता है। जिन लोगों को गैस, अपच या मोटापा की समस्या है, उनके लिए दोपहर में ज्यादा सोना ठीक नहीं माना जाता।
खाने के तुरंत बाद सोना भी ठीक नहीं है। इससे पाचन पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि खाना खाने के कम से कम 30–40 मिनट बाद ही झपकी लेनी चाहिए। इससे शरीर को आराम मिलता है और पाचन भी बेहतर रहता है।
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बच्चों और बुजुर्गों के लिए दोपहर की हल्की नींद अच्छी होती है। यह उनकी इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। लेकिन युवा और कामकाजी लोगों को सीमित समय तक ही झपकी लेनी चाहिए।
दोपहर की नींद पर विशेषज्ञों की राय पढ़ें: https://www.webmd.com/sleep/naps-benefits
