प्रेमानंद महाराज ने एक धार्मिक प्रवचन में जीवन की सच्चाई पर गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इंसान दुनिया की हर चीज खरीद सकता है। लेकिन एक सांस भी नहीं खरीद सकता।

महाराज ने बताया कि जीवन का असली धन भगवान का नाम है। उनके अनुसार, नामजप ही मुक्ति का मार्ग है। बाकी सब चीजें क्षणिक हैं।
उन्होंने कहा कि लोग धन, पद और प्रतिष्ठा के पीछे भागते हैं। परंतु असली शांति उनमें नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सांसों का खज़ाना ही जीवन का सबसे मूल्यवान उपहार है।
प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को समझाया कि मनुष्य अपनी इच्छाओं के जाल में फंस जाता है। इससे दुख बढ़ता है। नामजप करने से मन स्थिर होता है और आत्मा शुद्ध होती है।
उन्होंने कहा कि जीवन अनिश्चित है। कब कौन सी सांस आखिरी हो जाए, कोई नहीं जानता। इसलिए हर सांस का उपयोग भगवान को याद करने में करना चाहिए।
महाराज ने यह भी कहा कि इंसान बड़ा धनवान हो जाए, पर मृत्यु से एक पल भी खरीद नहीं सकता। यही सत्य हर व्यक्ति को समझना चाहिए।
धर्म और आध्यात्मिकता से जुड़ी और खबरें पढ़ें
उनकी यह सीख भक्तों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके संदेश को सुना।
लोगों ने कहा कि महाराज के विचार आज के समय में और भी ज़रूरी हैं। क्योंकि जीवन तेज़ी से चल रहा है और मनुष्य शांति से दूर होता जा रहा है।
