अयोध्या के राम मंदिर पर 25 नवंबर को ध्वज फहराया गया। यह क्षण राम भक्तों के लिए बेहद विशेष था। पूरे देश में उत्साह देखा गया। लेकिन पाकिस्तान इस पर भड़क गया है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस ध्वजारोहण पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उसने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम भारत में मुस्लिम समुदाय के लिए “चिंताजनक संकेत” है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत में मुस्लिमों की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है।
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से अपील भी कर दी। उसने कहा कि UN को भारत में मुस्लिमों के अधिकारों की “रक्षा” के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए। इस बयान ने विवाद और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान की रिलीज में यह भी कहा गया कि राम मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है, जहाँ पहले बाबरी मस्जिद थी। उसने इस बात को लेकर “गहरी चिंता” जताई कि भारत में मुस्लिम समुदाय “हाशिए पर धकेला” जा रहा है। पाकिस्तान ने भारत पर “असहिष्णुता बढ़ाने” का भी आरोप लगाया।
भारत की ओर से अभी इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की यह टिप्पणी भारत के अंदरूनी मामलों में दखल है। भारत पहले भी पाकिस्तान के ऐसे बयानों को “प्रचार और भ्रम” करार दे चुका है।
अयोध्या में हुए ध्वजारोहण को लेकर आम लोग और भक्त बेहद खुश हैं। यह समारोह राम मंदिर निर्माण के बाद पहली बार हुआ। मंदिर ट्रस्ट ने इसे ऐतिहासिक बताया है। सोशल मीडिया पर भी ध्वजारोहण की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
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पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर भारतीय नागरिक भी सोशल मीडिया पर नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं। कई यूज़र्स कह रहे हैं कि भारत के धार्मिक कार्यक्रमों पर पाकिस्तान को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
ध्वजारोहण के बाद अयोध्या में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। यहां लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं, पाकिस्तान का यह बयान एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकता है।
