बिहार में नई सरकार बनने के बाद कामकाज तेजी से शुरू हो गया है। मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की कमान संभाल ली है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई कैबिनेट की पहली बड़ी बैठक हुई। इसमें उद्योगों को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने सोमवार को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि बिहार में अब “औद्योगिक क्रांति” शुरू होगी। राज्य में बड़े और मझोले उद्योगों का जाल बिछाया जाएगा। नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को तेज़ी से लागू किया जाएगा। निवेश आकर्षित करने के लिए भी नए कदम उठाए जाएंगे।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने गृह विभाग की कमान संभाली। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में ढिलाई बिल्कुल नहीं चलेगी। उद्योग लगाने वालों को सुरक्षा और बेहतर माहौल देने की प्राथमिकता तय की गई है। कहा गया कि अपराध नियंत्रण सबसे ऊपर रहेगा।
विजय चौधरी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी ली। उन्होंने विभाग में पारदर्शिता और आधुनिक टेक्नोलॉजी लाने की बात कही। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं की सही जानकारी जनता तक पहुंचाने पर फोकस होगा।
संजय सिंह ने पीएचईडी विभाग संभाला। उन्होंने कहा कि हर घर तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना उनका प्राथमिक लक्ष्य है। पानी से जुड़ी पुरानी समस्याओं के समाधान की तैयारी भी शुरू हो गई है।
नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई कैबिनेट बैठक में उद्योगों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। खासकर, उन जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने का फैसला हुआ जहां रोजगार की कमी है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि हर विभाग “तेज़ काम और तेज़ नतीजे” के फार्मूले पर काम करेगा।
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बिहार सरकार का दावा है कि इन फैसलों से आने वाले महीनों में निवेश बढ़ेगा। युवाओं के लिए रोजगार के कई नए अवसर तैयार होंगे। इसके साथ ही उद्योगों से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
बिहार में नई सरकार के साथ एक नई कार्यशैली की शुरुआत मानी जा रही है। दोपहर की बड़ी खबरों ने राज्य के विकास की नई दिशा तय कर दी है।
