उत्तराखंड में वन्यजीव गतिविधि लगातार बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही से स्थानीय लोग चिंतित हैं। खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है।

इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब वन्यजीव प्रभावित इलाकों में स्कूली बच्चों को एस्कॉर्ट सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा सुबह और दोपहर दोनों समय मिलेगी। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से टीम तैनात करेंगे।

सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले कुछ महीनों में इंसानों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष बढ़ा है। कई घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया था। अब यह फैसला बच्चों और अभिभावकों को राहत देगा। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि किसी भी स्कूल रूट पर सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी बीच बड़ा प्रशासनिक कदम भी उठाया गया है। पौड़ी के DFO को उनके पद से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि विभागीय लापरवाही और बढ़ते वन्यजीव संघर्ष को लेकर शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। सरकार ने तुरंत प्रभाव से यह कार्रवाई की है। नए अधिकारियों को हालात सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय लोग इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाना सबसे जरूरी है। कई गांवों में डर का माहौल बना हुआ था। अब एस्कॉर्ट सुविधा से लोगों को भरोसा मिल रहा है। वन विभाग ने भी गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की है।

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सरकार ने साफ कहा है कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। ड्रोन सर्विलांस, पिकेट बढ़ाने और रात में गश्त तेज करने के आदेश भी दिए गए हैं। उम्मीद है कि इन कदमों से इंसान और वन्यजीव संघर्ष पर जल्द नियंत्रण मिलेगा।

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