अमेरिकी वैज्ञानिकों ने तकनीक की दुनिया में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। नमक के एक दाने से भी छोटा नैनो रोबोट तैयार किया गया है, जो न सिर्फ खुद महसूस कर सकता है, बल्कि सोचकर फैसले लेने और काम करने की क्षमता भी रखता है। भविष्य में यही मशीन इंसानी शरीर के अंदर जाकर इलाज का तरीका पूरी तरह बदल सकती है।

यह अनोखा रोबोट यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन और यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया है। रिसर्चर मार्क मिस्किन के मुताबिक, यह पहला ऐसा माइक्रो रोबोट है जिसमें इतनी छोटी साइज के बावजूद कंप्यूटर, सेंसर और मोटर को एक साथ फिट किया गया है। यह वही चुनौती थी, जिसे वैज्ञानिक करीब 40 साल से हल करने की कोशिश कर रहे थे।
कैसा है यह सुपर-स्मॉल रोबोट?
रिपोर्ट्स के अनुसार यह रोबोट 1 मिलीमीटर से भी छोटा है। इसमें 55 नैनोमीटर तकनीक से बना बेहद छोटा कंप्यूटर लगा है, जो कम बिजली में ज्यादा काम करता है।
इसमें तापमान सेंसर लगे हैं, जो 0.3 डिग्री तक सटीक जानकारी दे सकते हैं। खास बात यह है कि यह रोबोट सूरज की रोशनी से चलता है, क्योंकि इसमें माइक्रो सोलर सेल लगे हैं। बाहर से कांच जैसी परत इसे सुरक्षित रखती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रोबोट पुराने रोबोट्स की तुलना में 100 गुना छोटा है, लेकिन क्षमता में कहीं ज्यादा ताकतवर है।
इलाज की दुनिया में क्या बदल जाएगा?
भविष्य में यह नैनो रोबोट इंसानी नसों में घूमकर सही जगह दवा पहुंचा सकता है। ब्लॉक हुई नसों को खोलना, कोशिकाओं की निगरानी करना और बीमारी को शुरुआती स्तर पर पकड़ना संभव हो सकेगा। इससे बड़ी सर्जरी की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है।
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रिसर्चर डेविड ब्लाउ का मानना है कि अगले 10 सालों में इसका वास्तविक मेडिकल इस्तेमाल शुरू हो सकता है। आगे चलकर कई छोटे रोबोट मिलकर एक साथ काम करेंगे, जिससे जटिल ऑपरेशन भी आसान हो जाएंगे।
