पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के रिश्तों में साफ़ दूरी नजर आने लगी है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह राज्य की सभी सीटों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ेगी। इस फैसले के बाद बंगाल की राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

कांग्रेस का फोकस बेरोज़गारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर रहने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि टीएमसी लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण एंटी-इनकम्बेंसी का सामना कर रही है। साथ ही कांग्रेस खुद को एक वैकल्पिक सेक्युलर विकल्प के तौर पर पेश करना चाहती है। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह स्टैंड उसे बंगाल की सियासत में कितनी मजबूती दिला पाता है।
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