नई दिल्ली/तेहरान, 17 जून 2025
ईरान और इज़राइल के बीच छिड़ा ताजा सैन्य संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। दोनों देशों की ओर से लगातार हो रही हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच भारत सरकार ने तेहरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत राजधानी छोड़ने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी है।

सोमवार को इज़राइल ने ईरान के सरकारी टेलीविजन भवन को निशाना बनाते हुए सीधा हमला किया। इस दौरान लाइव टेलिकास्ट हो रहा था, जिससे कैमरे पर मौजूद रिपोर्टर को आनन-फानन में भागना पड़ा। हमले के कुछ ही क्षणों में इमारत से धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए।
🔴 संघर्ष की शुरुआत और वर्तमान स्थिति
यह सैन्य संघर्ष शुक्रवार (13 जून) को उस समय शुरू हुआ जब इज़राइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, यूरेनियम संवर्धन केंद्रों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाकर व्यापक हमला किया। इज़राइल का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान को परमाणु बम हासिल करने से रोकने के लिए आवश्यक थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अब तक 370 से अधिक मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन इज़राइल की ओर दागे हैं।
अब तक:
- ईरान में 224 लोगों की मौत हो चुकी है।
- इज़राइल में 24 लोगों की मौत, और 500 से अधिक घायल हुए हैं।
- सोमवार तड़के तेल अवीव में भीषण धमाके हुए, जिससे पूरे शहर में काले धुएं के गुबार छा गए।
🛑 भारत की चेतावनी और स्थिति
भारत सरकार ने ईरान स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द तेहरान और अन्य संवेदनशील इलाकों से निकलने की सलाह दी है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा —
“स्थिति अत्यधिक अस्थिर है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी को जल्द से जल्द वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य सुरक्षित माध्यमों से बाहर निकलने की सलाह दी जाती है।”
सूत्रों के अनुसार, लगभग 2,000 भारतीय नागरिक अभी तेहरान में मौजूद हैं, जिनमें छात्र, व्यवसायी और इंजीनियरिंग क्षेत्र के पेशेवर शामिल हैं। भारतीय दूतावास निकासी की योजना और सुरक्षित रास्तों की जानकारी लगातार साझा कर रहा है।
⚔ इज़राइल का दावा और रणनीति
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि उनकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को “बहुत, बहुत पीछे धकेल दिया है”। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इज़राइल का इरादा ईरानी सरकार को गिराने का नहीं है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो वह चौंकेंगे नहीं।
इस हमले के पीछे की रणनीति पर उन्होंने कहा —
“हम एक ऐसे ईरान को बर्दाश्त नहीं कर सकते जो परमाणु हथियार की क्षमता के करीब पहुंच रहा हो। हमारी कार्रवाई इसी खतरे को रोकने के लिए है।”
🛩 ईरानी जवाबी हमले और साउथ पार्स पर ड्रोन अटैक
ईरान ने इस हमले के जवाब में लगभग 100 मिसाइलें इज़राइल की ओर दागीं। इसके साथ ही ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, अज्ञात ड्रोन ने दक्षिण पार्स गैस प्रोडक्शन सेंटर को भी निशाना बनाया है, जो देश का मुख्य गैस उत्पादन केंद्र है। इस हमले की क्षति का अभी पूरा आकलन नहीं हुआ है।
🌐 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और ट्रंप का बयान
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो इस समय कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा —
“ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार नहीं प्राप्त कर सकता।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर ईरान ने उनके बताए गए “डील” को समय रहते स्वीकार कर लिया होता, तो यह संघर्ष रोका जा सकता था।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा —
“IRAN CAN NOT HAVE A NUCLEAR WEAPON. This is a shame, and a waste of human life.”
🚨 भविष्य की आशंकाएं और क्षेत्रीय तनाव
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष मध्य पूर्व में बड़े युद्ध का संकेत दे सकता है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और इज़राइल के बीच तनाव पहले से चल रहा था, लेकिन हालिया हमलों ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस पर आपात बैठक बुलाई है। इस बीच रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि यूरोपीय संघ ने दोनों देशों से वार्ता फिर से शुरू करने की मांग की है
📌 निष्कर्ष: स्थिति बेहद नाजुक
ईरान-इज़राइल संघर्ष अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहा। इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है और दुनिया की आर्थिक स्थिरता, खासकर तेल व गैस आपूर्ति पर इसका सीधा प्रभाव दिखने लगा है।
भारत सहित कई देश अपने नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने में लगे हैं।
यह साफ है कि अगर जल्द ही कोई कूटनीतिक हल नहीं निकला, तो यह संघर्ष किसी बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकता है।
