नई दिल्ली, 26 जून 2025 — एयर इंडिया विमान हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। जांच एजेंसियों ने दुर्घटनाग्रस्त विमान के ब्लैक बॉक्स की मेमोरी को सफलतापूर्वक एक्सेस कर लिया है। अब उसमें मौजूद अहम डेटा को निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो इस हादसे के कारणों का खुलासा करने में मददगार साबित हो सकती है।

यह ब्लैक बॉक्स विमान के उड़ान डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) का हिस्सा होता है, जिसमें पायलटों की बातचीत, इंजन की स्थिति, गति, ऊंचाई, और तकनीकी संकेतों समेत सैकड़ों पैरामीटर्स रिकॉर्ड रहते हैं। जांचकर्ता अब इन्हीं सूचनाओं की मदद से क्रैश से ठीक पहले के पलों की तस्वीर साफ करने की कोशिश कर रहे हैं।

DGCA और अन्य एजेंसियां जांच में जुटीं
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और एयर इंडिया की टेक्निकल टीम इस जांच में सक्रिय रूप से शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, डेटा को सुरक्षित तरीके से डाउनलोड किया जा रहा है और उसका विश्लेषण अगले कुछ दिनों में पूरा किया जा सकता है।

क्या था मामला?
यह हादसा कुछ दिन पहले तब हुआ जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-278, जो नागपुर से मुंबई जा रही थी, लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गई और एयरक्राफ्ट को गंभीर नुकसान पहुंचा। हालांकि इस हादसे में कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन तकनीकी खामी को लेकर सवाल उठे थे।

ब्लैक बॉक्स डेटा से मिल सकते हैं ये जवाब:

क्या पायलट ने टेक्निकल अलर्ट को नजरअंदाज किया?

क्या मौसम की स्थिति दुर्घटना के लिए जिम्मेदार थी?

क्या लैंडिंग गियर या ब्रेक सिस्टम में कोई खराबी थी?

विमान सुरक्षा को लेकर फिर उठा सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर से भारत की विमानन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक साल में देश में कई तकनीकी खराबियों और इमरजेंसी लैंडिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सरकार की ओर से प्रतिक्रिया
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जांच को पूरी पारदर्शिता से करने की बात कही है और एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि वे सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं की फिर से समीक्षा करें।

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