ऋषिकेश।
AIIMS ऋषिकेश के डॉक्टरों ने एक बार फिर मेडिकल साइंस में मिसाल पेश करते हुए एक अद्भुत और दुर्लभ सर्जरी को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में उत्तर प्रदेश के संभल निवासी 27 वर्षीय सलमान के पैर से 35 किलो वजनी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया, जिससे उन्हें एक नई ज़िंदगी मिली है।

AIIMS ऋषिकेश में दुर्लभ सर्जरी: युवक के पैर से निकाला गया 35 किलो का ट्यूमर, मिली नई ज़िंदगी

इस जीवन-रक्षक सर्जरी की चर्चा पूरे देशभर में हो रही है, और इसे अब तक के सबसे जटिल और वजनी ट्यूमर ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है।

🧬 लंबे समय से थी गंभीर बीमारी

जानकारी के मुताबिक सलमान पिछले कई वर्षों से इस असामान्य रूप से बढ़ते ट्यूमर से पीड़ित थे। धीरे-धीरे ट्यूमर का आकार इतना बढ़ गया कि चलना-फिरना और सामान्य जीवन तक जीना मुश्किल हो गया था। स्थानीय स्तर पर इलाज न मिलने के बाद उन्हें AIIMS ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनका गहन परीक्षण किया।

डॉक्टर्स का कहना है कि ट्यूमर का आकार और वजन इतना अधिक था कि यह न केवल शरीर पर भारी था, बल्कि जीवन को भी गंभीर खतरे में डाल रहा था।

🔪 देश में अपनी तरह की पहली सफल सर्जरी

AIIMS ऋषिकेश के डॉक्टरों ने एक जटिल और जोखिमपूर्ण सर्जिकल प्रोसीजर के जरिए सलमान के पैर से 35 किलो का ट्यूमर निकाला। सर्जरी कई घंटे चली और इसमें ऑर्थोपेडिक, प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थिसिया और जनरल सर्जरी के विशेषज्ञ शामिल थे।

डॉक्टरों की टीम ने इसे देश में अब तक का अपनी तरह का पहला और सबसे वजनी ट्यूमर ऑपरेशन बताया है, जिसे बिना किसी बड़ी जटिलता के सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

👨‍⚕ डॉक्टरों ने क्या कहा?

AIIMS ऋषिकेश के सीनियर सर्जन डॉ. मनोज कुमार के अनुसार:

“सलमान के केस में ट्यूमर न केवल अत्यधिक वजनी था, बल्कि यह शरीर की हड्डियों, नसों और मांसपेशियों के आसपास इस कदर फैला हुआ था कि ऑपरेशन के दौरान हर कदम पर सावधानी जरूरी थी। हमने यह सर्जरी देश में पहली बार इस पैमाने पर की है, और यह हमारे लिए गर्व की बात है।”

💬 मरीज और परिवार की प्रतिक्रिया

सर्जरी के बाद सलमान ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे वे फिर से जन्मे हैं।
उनके परिवारवालों ने AIIMS ऋषिकेश के डॉक्टरों का धन्यवाद करते हुए कहा:

“हमने उम्मीद खो दी थी, लेकिन यहां आकर सलमान को नई ज़िंदगी मिल गई। यह चमत्कार जैसा है।”

🏥 AIIMS ऋषिकेश की बढ़ती पहचान

AIIMS ऋषिकेश पिछले कुछ वर्षों से अपनी अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं और विशेषज्ञता के लिए पहचाना जा रहा है। इस तरह की दुर्लभ सर्जरी ने संस्थान को भारत के प्रमुख हेल्थकेयर सेंटर्स की सूची में और मजबूत किया है।

डॉक्टरों की टीम का यह प्रयास देशभर के मेडिकल छात्रों और सर्जनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

📊 क्या है ट्यूमर की जानकारी?

इस केस में ट्यूमर का प्रकार Benign (सौम्य) बताया गया है, लेकिन इसका आकार और स्थान इसे खतरनाक बना रहा था। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि यदि इसे और समय के लिए टाला जाता, तो यह कैंसर में भी बदल सकता था या शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता था।

सर्जरी के बाद स्थिति

  • सलमान की स्थिति अब स्थिर है
  • वह अब धीरे-धीरे चलने-फिरने लगे हैं
  • पोस्ट-सर्जरी रिकवरी पर निगरानी रखी जा रही है
  • डॉक्टर्स ने 6 हफ्ते का रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम निर्धारित किया है

🔚 निष्कर्ष

AIIMS ऋषिकेश की यह दुर्लभ सर्जरी सिर्फ एक मेडिकल केस नहीं, बल्कि आशा, विज्ञान और मानवता की अद्भुत मिसाल है। 35 किलो वजनी ट्यूमर को निकाल कर डॉक्टरों ने न केवल सलमान को नया जीवन दिया, बल्कि पूरे देश में भारतीय मेडिकल सिस्टम की क्षमता और दक्षता को भी साबित किया।

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