बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया, जब AIMIM के सभी पांच विधायक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने उनके आवास पहुंचे। इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। सीमांचल क्षेत्र के विकास और राज्य की राजनीति में संभावित समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

‘नीतीश मेरे राजनीतिक गुरु’—मुर्शीद आलम
AIMIM विधायक मुर्शीद आलम ने मुलाकात के बाद कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके राजनीतिक गुरु हैं। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात पूरी तरह शिष्टाचार और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित थी। मुर्शीद आलम ने कहा कि सीमांचल के लोगों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और इसे लेकर सीएम से विस्तार से चर्चा हुई।
सीमांचल विकास पर रही बातचीत
सूत्रों के अनुसार, AIMIM विधायकों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री का ध्यान दिलाया। विधायकों का कहना है कि सीमांचल क्षेत्र को अब भी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार क्षेत्रीय विकास को लेकर गंभीर है और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
सियासी मायने क्या हैं
हालांकि AIMIM की ओर से इसे औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार की बदलती राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। चुनावी माहौल के बीच AIMIM विधायकों की यह मुलाकात कई संकेत दे रही है। विपक्ष इसे संभावित राजनीतिक नजदीकियों के तौर पर देख रहा है।
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राजनीति में हलचल
इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह बैठक केवल विकास तक सीमित रही या इसके दूरगामी राजनीतिक असर भी देखने को मिलेंगे।
