
नई दिल्ली: भारतडेरियो अमोडेई, जो AI शोध और विकास में वैश्विक रूप से जाने जाते हैं, ने India AI Impact Summit 2026 में कहा कि जनरेटिव AI को सुरक्षित और समावेशी बनाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। समिट के दौरान उन्होंने Anthropic कंपनी की पहल और नैतिक AI अनुसंधान की दिशा पर चर्चा की।अमोदेई ने बताया कि AI तकनीक का प्रभाव सिर्फ तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे सामाजिक और आर्थिक न्याय पर भी ध्यान देना जरूरी है।
AI विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनियां: https://instantvarta.com/galgotias-university-apology-ai/
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविध बाजार में AI के उपयोग को नियमबद्ध और जिम्मेदार तरीके से अपनाने की आवश्यकता है।विशेष रूप से उन्होंने जागरूकता, प्रशिक्षण और सुरक्षित AI मॉडल निर्माण पर जोर दिया, ताकि तकनीक का लाभ सभी वर्गों तक पहुँच सके।क्यों महत्वपूर्ण है: AI आज सभी उद्योगों में बदलाव ला रहा है और भारत में इसके प्रभाव को समझना, नियंत्रित करना और उपयोग करना भविष्य के डिजिटल विकास के लिए महत्वपूर्ण है।आगे क्या: समिट में उठाए गए मुद्दों पर नीति निर्धारकों, शोधकर्ताओं और टेक कंपनियों के बीच आगे गहन संवाद अपेक्षित है।
