नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को केरल राज्य का नाम आधिकारिक रूप से “केरलम” करने की मंज़ूरी दे दी है। कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद अब आधिकारिक दस्तावेजों, संकेतों और सरकारी उपयोग में राज्य का नाम “केरलम” ही प्रयोग किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज केरल राज्य का नाम बदलकर “केरलम” करने का निर्णय लिया है। यह प्रस्ताव पिछले कुछ माह से चर्चा में था और आज कैबिनेट की बैठक में इसे अनुमोदित कर दिया गया। इसके बाद गृह मंत्रालय से संबंधित अधिसूचना जारी होगी, जो नाम परिवर्तन को कानूनी रूप से औपचारिक रूप देगी।
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केरल के मुख्यमंत्री और राज्य उच्च अधिकारियों ने इस प्रस्ताव के समर्थन में तर्क दिया कि “केरलम” नाम स्थानीय भाषा मलयालम के अनुरूप है और ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परंपरा से उपजा शब्द है। कैबिनेट सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव पर सभी महत्वपूर्ण मंत्रालयों ने सहमति जताई और इसे मंज़ूरी दे दी गई।
राज्य के नए नाम को लागू करने के लिए केंद्रीय स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसमें सरकारी दस्तावेज, बोर्ड, रोड साइन और विज्ञापनों में नाम के बदलाव को सुनिश्चित करना शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय राज्य की पहचान और सांस्कृतिक अखंडता को मजबूती देगा।
सरकार के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा,
“केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आधिकारिक रूप से ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को मंज़ूर कर दिया है। इसके लिए गृह मंत्रालय जल्द एक अधिसूचना जारी करेगा।”
अधिकारियों के अनुसार, नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी और इसके आगे के चरणों के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
केरल के राज्य नाम को लेकर यह प्रस्ताव ऐतिहासिक और भाषाई दृष्टिकोण से पिछले कुछ सालों से उठाया जा रहा था। स्थानीय भाषा मलयालम में शब्द “केरलम” अधिक प्रचलित और पारंपरिक रूप माना जाता है। इससे पहले भी कई राज्यों में स्थानीय नामों के आधिकारिककरण को लेकर चर्चा और मांग उठी थी, जैसे “ओडिशा” और “सिक्किम” के मामले।
विशेषज्ञों का कहना है कि नाम में यह संशोधन राज्य के सांस्कृतिक पहचानों को और अधिक मुखर करेगा और स्थानीय भाषा की पहचान को बढ़ावा देगा। हालांकि नाम परिवर्तन के प्रभाव से जुड़े कुछ प्रशासनिक और तकनीकी प्रश्न भी उठाए जा रहे हैं, जिन पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
राज्य और केंद्र सरकार ने फिलहाल गृह मंत्रालय को निर्देशित किया है कि वह नाम परिवर्तन के संबंध में जल्द से जल्द अधिसूचना जारी करे। इसके बाद नाम से जुड़े दस्तावेजों, संकेतों और सरकारी उपयोगों में बदलाव के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका भी जारी की जाएगी।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा ताकि आम जनजीवन पर न्यूनतम असर पड़े।
केंद्र की कैबिनेट द्वारा केरल राज्य का नाम “केरलम” करने की मंज़ूरी अब आधिकारिक दस्तावेज और संकेतों में भी लागू होने वाली है। नाम परिवर्तन को लेकर विस्तृत प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा मिलेगी।

