चेनारी: रोहतास जिले के चेनारी में आयोजित गुप्ताधाम महोत्सव के भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में डेहरी ऑन सोन स्थित बाल वाटिका विद्यालय के कक्षा एक के बाल कलाकार ऋषव राज ने नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। पूरे महोत्सव में विद्यालय स्तर से सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति का अवसर केवल बाल वाटिका विद्यालय को ही प्रदान किया गया।

चेनारी में आयोजित गुप्ताधाम महोत्सव का आयोजन इस वर्ष विशेष भव्यता के साथ किया गया, जिसमें जिले के साथ-साथ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए। महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर कई प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं, वहीं बाल कलाकारों की श्रेणी में बाल वाटिका विद्यालय के छात्र ऋषव राज को मंच साझा करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा एक के इस बाल कलाकार ने नृत्य-संगीत की सधी हुई प्रस्तुति दी। कम आयु होने के बावजूद उसकी प्रस्तुति में ताल, लय और भावों का संतुलन देखने को मिला, जिसे उपस्थित दर्शकों ने सराहा। मंच पर दी गई प्रस्तुति के बाद दर्शकों की तालियों ने बाल कलाकार का उत्साह बढ़ाया।

रोहतास जिले की ताजा खबर: बाल वाटिका विद्यालय के विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान

महोत्सव में यह विशेष तथ्य रहा कि विद्यालय स्तर से सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति के लिए केवल बाल वाटिका विद्यालय को ही चुना गया। यह चयन विद्यालय की निरंतर सांस्कृतिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के प्रशिक्षण स्तर को दर्शाता है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि 26 जनवरी को डेहरी ऑन सोन में आयोजित अनुमंडल स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था।
उन्होंने कहा,

“उसी कार्यक्रम में छात्रों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर गुप्ताधाम महोत्सव के आयोजकों ने बाल वाटिका विद्यालय के बाल कलाकार को विशेष रूप से आमंत्रित किया।”

वर्तमान समय में आपदा प्रबंधन और सामाजिक सहभागिता से जुड़े प्रशिक्षण का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के प्रशिक्षण बच्चों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। स्काउट-गाइड जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल अनुशासन ही नहीं सिखाते, बल्कि उन्हें समाज का सक्रिय और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

बाल वाटिका विद्यालय में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर इसी दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवनोपयोगी कौशल प्रदान किए गए।

प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड प्रशिक्षण से जोड़ा जा सके।

पंचदिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग और सेवा भावना का विकास हुआ है। प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव आने वाले समय में छात्रों के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सहायक सिद्ध होने की संभावना है।

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