14 साल पुराने हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई: DSP, दारोगा और डॉक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

बगहा सिविल कोर्ट ने सीतामढ़ी के पुलिस और मेडिकल अफसरों पर लिया सख्त एक्शन, 10 जून तक कोर्ट में पेश होने का आदेश

InstantVarta News Desk | Bihar News | Breaking Now

बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बगहा सिविल कोर्ट ने 14 साल पुराने डेबा हत्याकांड (2011) में लापरवाही बरतने पर सीतामढ़ी के डीएसपी, दारोगा और एक डॉक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी कर दिया है। कोर्ट का यह सख्त फैसला न्याय प्रक्रिया में देरी और गवाहों की अनुपस्थिति को लेकर लिया गया है।

किसके खिलाफ जारी हुआ है गिरफ्तारी वारंट?

कोर्ट ने जिन अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया है, वे हैं:

  • डीएसपी अतनु दत्ता (सीतामढ़ी)
  • दारोगा अमरेश कुमार सिंह
  • डॉ. ए.के. तिवारी

इन तीनों को बगहा थाना कांड संख्या 472/2011 में गवाही के लिए कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद अनुपस्थित रहे।

कोर्ट का आदेश: 10 जून तक पेश करें आरोपी अफसर

एडीजे-4 बगहा की अदालत ने बगहा एसपी को निर्देश दिया है कि वे इन तीनों अधिकारियों को 10 जून 2025 तक हर हाल में कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बगहा एसपी को शो-कॉज नोटिस

कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए बगहा एसपी को भी लापरवाही के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया है। इससे साफ है कि अब न्यायपालिका ऐसे मामलों में देरी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

डेबा हत्याकांड क्या है?

यह मामला वर्ष 2011 में दर्ज डेबा हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें 12 वर्षों से सिर्फ गवाहों की अनुपस्थिति के कारण ट्रायल लंबित पड़ा था। इस केस की सुनवाई बगहा सिविल कोर्ट में चल रही है।


निष्कर्ष: कोर्ट का सख्त रुख बना अधिकारियों के लिए चेतावनी

बिहार में कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट का यह फैसला स्पष्ट संकेत है कि अगर कोई भी सरकारी अधिकारी न्यायिक आदेश की अनदेखी करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।



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