बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार शाम वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में दीप जलाकर हिंदू राष्ट्र की कामना भी की।

दिल्ली से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का समापन भी बांकेबिहारी मंदिर में हुआ। यह पदयात्रा कई दिनों से चर्चा में थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए।
शास्त्री शाम करीब साढ़े आठ बजे मंदिर पहुंचे। उनके साथ हजारों की भीड़ भी पहुंची। सड़क के दोनों ओर करीब 25 हजार से ज्यादा लोग उन्हें देखने के लिए खड़े हो गए। भीड़ बढ़ने पर पदयात्रा का रूट बदला गया। यात्रा ओमेक्स के पीछे रामताल मार्ग से सुनरख मार्ग होते हुए परिक्रमा मार्ग पहुंची।
मंदिर के बाहर पहले से ही भारी भीड़ मौजूद थी। सुरक्षाकर्मियों ने चारों ओर घेरा बनाया। वीआईपी मार्ग से केवल पांच लोगों को दर्शन के लिए अंदर ले जाया गया। इनमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी और आचार्य इंद्रेश शामिल थे।
मंदिर सेवायतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कराई। शास्त्री ने आराध्य बांकेबिहारी के सामने दीप जलाकर हिंदू राष्ट्र की प्रार्थना की।
पदयात्रा का धर्मध्वज बांकेबिहारी को समर्पित करना था। लेकिन मंदिर में इस परंपरा के न होने के कारण अब यह ध्वज दाऊजी मंदिर में अर्पित किया जाएगा।
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पूजा के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पदयात्रा की समाप्ति की घोषणा कर आगरा के लिए रवाना हो गए।
