उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में मिड-डे मील योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिले में 11 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 44 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को मिलने वाले खाद्यान्न और फंड में भारी गड़बड़ी की गई। कई स्कूलों में दिखाए गए वितरण रिकॉर्ड वास्तविकता से मेल नहीं खाते थे। कई जगह भोजन की आपूर्ति केवल कागजों में दिखाई गई, जबकि बच्चों को वास्तविक लाभ नहीं मिला। फर्जी बिल, फर्जी एंट्री और सप्लाई में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं भी उजागर हुई हैं।
जिला प्रशासन ने इस पूरे घोटाले की शुरुआती जांच शिक्षा विभाग, लेखा शाखा और संबंधित ब्लॉक अधिकारियों के सहयोग से की। रिपोर्ट में सामने आया कि कई शिक्षकों, आपूर्तिकर्ताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से यह गड़बड़ी की गई थी। इसके बाद जिला अधिकारी के आदेश पर 44 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने कहा है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए केस में IPC की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। जांच अधिकारी संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर आगे की जांच कर रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकारी धन की रिकवरी भी की जाएगी।
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उधर, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने इस घोटाले पर गहरी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि बच्चों का पोषण सुनिश्चित करने वाली योजना में भ्रष्टाचार होना बेहद शर्मनाक है। फिलहाल सरकार ने जिले में मिड-डे मील योजना की व्यापक ऑडिट का आदेश दिया है।
