
भारत में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पेटेंट फाइलिंग तेजी से बढ़ रही है, जिससे देश की नवाचार क्षमता और टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा को बड़ा ज़ोर मिला है। सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में AI से जुड़े पेटेंट आवेदन को बढ़ावा मिल रहा है।
विशेषकर भारतीय स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों द्वारा मशीन लर्निंग, भाषा मॉडल और डेटा प्राइवेसी से जुड़े पेटेंट का दायरा बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI पेटेंट से तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी और वैश्विक बाज़ार में भारत की पहचान मजबूत होगी।
इस बढ़ोतरी के पीछे सरकार के उपाय, R&D फंडिंग, और इनोवेशन-फ्रेंडली नीतियाँ मुख्य कारण माने जा रहे हैं। डिजिटल इंडिया और Make in India जैसी पहलों ने भी AI अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया है।
क्यों महत्वपूर्ण है: पेटेंट फाइलिंग तकनीकी विकास के संकेत हैं और यह दिखाता है कि भारत उच्च तकनीक नवाचार के केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।
