बिहार की राजनीति में नई हलचल दिख रही है।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी नीतीश सरकार को समर्थन देने को तैयार है।
लेकिन इसके लिए एक सख्त शर्त रखी गई है।

AIMIM ने इस बार बिहार में पांच सीटें जीती हैं।
ओवैसी अमौर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोले।
उन्होंने कहा कि सरकार अगर सीमांचल के विकास पर ठोस काम करे तो समर्थन संभव है।
ओवैसी ने कहा कि सीमांचल की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि इलाके की गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि हर सरकार ने सीमांचल को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि AIMIM जनता की आवाज़ उठाने के लिए है।
सरकार को भी उसी अनुसार काम करना चाहिए।
ओवैसी ने साफ कहा कि बिना सीमांचल ऐक्शन प्लान के समर्थन नहीं दिया जाएगा।
नीतीश कुमार की नई सरकार पहले से ही गठबंधन समीकरणों में फंसी है।
ऐसे में ओवैसी की शर्तें सरकार पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
जेडीयू और बीजेपी अभी बयानबाज़ी से बच रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि AIMIM की पांच सीटें कम नहीं हैं।
इनसे सरकार के बाहर का दबाव बढ़ सकता है।
ओवैसी ने कहा कि बिहार को नए मॉडल की जरूरत है।
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उन्होंने दोहराया कि सीमांचल का विकास ही AIMIM की प्राथमिकता है।
अब सरकार इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
