पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को तेज करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने जिलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में CEO ने साफ कहा कि इस महीने के अंत तक SIR (Special Information Report) फॉर्म की कलेक्शन प्रक्रिया हर हाल में पूरी हो जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अधिकारी की ढिलाई पर कार्रवाई तय है।

मनोज कुमार अग्रवाल ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि SIR फॉर्म कलेक्शन से जुड़ी स्थानीय स्तर की समस्याओं को तुरंत सुलझाया जाए, ताकि संशोधन प्रक्रिया में कोई देरी न हो। SIR फॉर्म चुनाव प्रणाली की कई महत्वपूर्ण तैयारियों का आधार होता है, जिसमें मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता, सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक ज़रूरतें और चुनावी संसाधनों की प्राथमिकता शामिल है।
CEO ने यह भी कहा कि कई जिलों में प्रगति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँची है, जिससे आगामी चुनावों की तैयारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि टीमों को पर्याप्त संसाधन और फील्ड सपोर्ट दिया जाए, ताकि घर-घर जाकर फॉर्म इकट्ठा करने का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में CEO ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि, “जिस जिले में देरी मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।”
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राज्य चुनाव कार्यालय का लक्ष्य है कि संशोधित मतदाता सूची समय पर तैयार हो जाए ताकि आगामी चुनावों की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सके। SIR फॉर्म कलेक्शन को समय पर पूरा करना इस दिशा में सबसे अहम कदम माना जा रहा है।
