बिहार में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। रविवार को एक के बाद एक राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से हुए। राजद की विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव को नेता चुना गया, लेकिन बैठक शुरू होने के कुछ ही समय बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी बीच में ही बैठक छोड़कर निकल गए, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की। नीतीश कुमार ने राज्यपाल को 19 नवंबर को वर्तमान विधानसभा भंग करने की सिफारिश की है। विधानसभा भंग होते ही नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा देंगे और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा।
कैबिनेट की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि नीतीश कुमार को राज्यपाल से मिलकर मौजूदा विधानसभा भंग करने का आग्रह करने का अधिकार दिया जाए। इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल राज्यपाल से मिलकर हाल में हुए विधानसभा चुनाव में चुने गए सभी नए विधायकों की सूची सौंप चुके हैं। चुनाव परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए थे।
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243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया है। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि जेडीयू ने 85 सीटें हासिल कीं। चिराग पासवान की एलजेपी (आरवी) को 19 सीटों पर जीत मिली है। वहीं एचएएम और आरएलएम मिलकर कुल 9 सीटों पर विजयी रहे।
एनडीए की इस प्रचंड जीत के बाद अब सरकार गठन की रूपरेखा लगभग तय मानी जा रही है। अगले कुछ दिनों में नेतृत्व और मंत्रिमंडल को लेकर महत्वपूर्ण फैसले होने की उम्मीद है।
