पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा गृह विभाग को लेकर है। अब तक यह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहता था, लेकिन इस बार यह बीजेपी के खाते में गया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार (22 नवंबर) को बिहार के नए गृहमंत्री के रूप में पदभार भी संभाल लिया। इस बदलाव पर कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने गृह विभाग भाजपा को मिलने पर कहा, “यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। कौन-सा विभाग खुद रखें, कौन-सा किसे दें—इसमें कुछ भी असहज नहीं है।”
इसी बीच उनके बेटे दीपक कुशवाहा का नाम भी चर्चा में है। पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान दीपक के मंत्री पद की घोषणा सभी के लिए चौंकाने वाली रही। दीपक फिलहाल किसी सदन के सदस्य भी नहीं हैं, जिस पर विपक्ष ने नीतीश सरकार पर परिवारवाद का आरोप लगाया है।
बेटे के मंत्री बनने पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “मेरी ओर से शुभकामनाएं हैं। वह पढ़ा-लिखा युवा है। जनता की सेवा करेगा और अच्छा काम करके दिखाएगा।”
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वहीं, कांग्रेस द्वारा उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “यह एक फालतू मुद्दा है। कांग्रेस अपनी दुर्गति से भी सीख नहीं रही। अगर सच में वोट चोरी हुआ होता तो जनता सड़क पर उतरती। बिना मतलब का मुद्दा उठाने से कुछ नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े असली मुद्दों पर ध्यान दिए बिना कांग्रेस भविष्य में सुधार नहीं कर पाएगी।
