बिहार में विधानसभा चुनाव खत्म होते ही शिक्षा विभाग फिर से सख्त मोड में आ गया है।
अब स्कूल समय पर नहीं आने वाले शिक्षकों पर सीधी कार्रवाई होगी।
देर से आने और जल्दी जाने वाले गुरुजी पर वेतन कटौती का आदेश तैयार है।

जानकारी के अनुसार, विभाग ने करीब डेढ़ दर्जन शिक्षकों को नोटिस भेज दिया है।
डीईओ और डीपीओ स्थापना ने इनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
शनिवार देर शाम तक शिक्षकों को बांका बुलाकर पूछताछ जारी रही।
जांच में पता चला कि कई शिक्षक महीने भर में कई दिन बिना आउट किए स्कूल छोड़कर निकल गए।
कुछ शिक्षक रोजाना ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ लगा रहे हैं, जबकि न तो प्रशिक्षण चल रहा है और न विभागीय कार्य।
इन पर भी कार्रवाई तय है।
डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने स्पष्ट कहा कि
सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक स्कूल समय का पालन अनिवार्य है।
किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
इसके लिए ई-शिक्षा कोष एप के जरिए मॉनिटरिंग और तेज कर दी गई है।
एक विशेष टीम रोज शिक्षकों की लोकेशन और उपस्थिति पर निगरानी रख रही है।
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विभाग का कहना है कि चुनाव बाद कई शिक्षक ढिलाई बरत रहे हैं।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन कटौती निश्चित है।
राज्य स्तर से भी कड़ी निगरानी जारी है ताकि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग का फोकस है कि
हर शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचे और बच्चों की पढ़ाई सही ढंग से हो।
