दुनिया भर में लोग लंबे और स्वस्थ जीवन का सपना देखते हैं। अब चीन इसी सपने को सच करने की दिशा में बड़ी छलांग लगाने का दावा कर रहा है। शेनझेन की बायोटेक कंपनी Lonvi Biosciences ने अंगूर के बीज (Grapeseed) से निकले एक प्राकृतिक तत्व पर आधारित एंटी-एजिंग दवा विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह दवा इंसान की उम्र 150 साल तक बढ़ा सकती है।

✔ क्या है इस दवा का फॉर्मूला?
वैज्ञानिकों ने अंगूर के बीज से कुछ खास बायोएक्टिव अणुओं की पहचान की है। ये अणु शरीर की उन बूढ़ी और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं (Senescent Cells) को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं, जो उम्र बढ़ने की सबसे बड़ी वजह मानी जाती हैं।
इन्हीं खास अणुओं को कैप्सूल के रूप में बनाया जा रहा है।
✔ कैसे काम करेगी यह एंटी-एजिंग दवा?
- शरीर की पुरानी कोशिकाओं को हटाएगी
- नई कोशिकाओं के पुनर्निर्माण को बढ़ावा देगी
- इम्यून सिस्टम को मजबूत करेगी
- कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाएगी
- शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करेगी
वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर यह दवा सफल रहती है, तो इंसान 150 साल तक स्वस्थ जीवन जी सकता है।
✔ कैंसर पर भी असर?
शोधकर्ताओं का दावा है कि अंगूर के बीज में मौजूद यह शक्तिशाली तत्व कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है।
इस वजह से इसे न सिर्फ एंटी-एजिंग, बल्कि एंटी-कैंसर दवा के रूप में भी देखा जा रहा है।
✔ क्यों चर्चा में आया प्रोजेक्ट?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों ने पहले भी भविष्य में मानव जीवन को लंबा करने वाली वैज्ञानिक खोजों का समर्थन किया है।
अब यह दावा उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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✔ चीन का बड़ा मकसद
- बुढ़ापे की बीमारियों को खत्म करना
- कैंसर की रोकथाम
- मानव जीवन की उम्र को दोगुना करना
- दुनिया में बायोटेक रिसर्च में बढ़त हासिल करना
