Sheikh Hasina Death Sentence: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनकी शादी की सालगिरह के दिन ही मौत की सजा सुनाई गई। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने उन्हें मानवता के विरुद्ध अपराध का दोषी ठहराया। यह फैसला तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार दोपहर दिया। हसीना ने इस फैसले को सख्त शब्दों में खारिज किया है।

17 नवंबर हसीना की जिंदगी का बेहद खास दिन माना जाता है। इसी दिन वर्षों पहले उनका निकाह हुआ था। लेकिन उसी दिन उन्हें सबसे गंभीर सजा सुनाई गई। अदालत ने यह फैसला एकतरफा सुनवाई के आधार पर दिया, क्योंकि हसीना कई बार कोर्ट में पेश नहीं हुई थीं।

कौन थे शेख हसीना के पति?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शेख हसीना ने 1967 में परमाणु वैज्ञानिक एम.ए. वाजेद मिया से शादी की थी। उस समय उनके पिता शेख मुजीब जेल में बंद थे। शादी का पूरा आयोजन उनकी मां फजीलतुन नेसा ने करवाया था।
वाजेद मिया बांग्लादेश के जाने-माने वैज्ञानिक थे। उनका निधन 9 मई 2009 को 67 वर्ष की उम्र में हुआ। हसीना अक्सर सार्वजनिक मंचों पर कहा करती थीं कि वाजेद मिया ने उनके राजनीतिक जीवन में बड़ी भूमिका निभाई।

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हसीना का जवाब

हसीना ने ट्रिब्यूनल के फैसले को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया। उन्होंने कहा कि यह सजा लोकतंत्र और न्याय के खिलाफ है।
उनकी पार्टी अवामी लीग ने भी इसे पूर्वनियोजित फैसला बताया है।

By ARPITA SARKAR

पत्रकारिता में करीब 2 साल का अनुभव रखने वाली अर्पिता सरकर, वर्तमान में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में BJMC की छात्रा हैं। उन्होंने कंटेंट राइटिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में दो साल काम किया है, विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लेख व वीडियो स्क्रिप्ट तैयार की हैं। अर्पिता भारतीय राजनीति, सामाजिक मुद्दे और क्राइम रिपोर्टिंग पर पैनी नजर रखती हैं।

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