बिहार में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी जिसमें उन्होंने कहा था कि “भाजपा की जीत अब बंगाल तक पहुंचेगी और यहां का जंगलराज खत्म होने वाला है।” इस पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को जोरदार प्रतिक्रिया दी है और पीएम मोदी के बयान को “भ्रम और गलत राजनीतिक आकलन” बताया है।

टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह दावा न केवल गलत है, बल्कि वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी 250 से अधिक सीटों के साथ फिर से सरकार बनाएगी, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में लौटेंगी।
कुणाल घोष ने पीएम मोदी की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि “जैसे गंगा बिहार से बंगाल की ओर बहती है, वैसे ही भाजपा की जीत भी बंगाल आएगी।” घोष ने इसे राजनीतिक रसायन (Political Chemistry) का “गलत और भ्रामक आकलन” बताया। उनका दावा है कि बंगाल की राजनीति और जनता की राजनीतिक समझ बिहार से बिल्कुल अलग है, और टीएमसी का जनाधार कहीं नहीं जा रहा।
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टीएमसी ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी आज INDIA गठबंधन की सबसे मजबूत नेता हैं और उन्हें गठबंधन का राष्ट्रीय चेहरा बनाया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि केंद्र की भाजपा सरकार जिस तरह राज्य सरकारों पर बार-बार हमला कर रही है, उससे साबित होता है कि भाजपा 2026 में स्पष्ट हार के डर से बौखलाई हुई है।
राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि आने वाले महीनों में बंगाल की राजनीति और आक्रामक हो सकती है क्योंकि दोनों दल चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश में हैं। भाजपा बिहार की जीत के उत्साह में है, वहीं टीएमसी इसे “दूर की कौड़ी” बताकर अपने समर्थन आधार को संगठित करने में लगी है।
