अमेरिका की यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) की नई रिपोर्ट ने भारत में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय संघर्ष में पाकिस्तान ने चीन की खुफिया जानकारी और हथियारों की मदद ली।

रिपोर्ट का कहना है कि पाकिस्तान ने चीनी हथियारों पर भरोसा किया और बीजिंग ने इस मौके का उपयोग अपने हथियारों के परीक्षण और प्रचार के लिए किया।
रिपोर्ट में पहलगाम आतंकी हमले को “विद्रोही हमला” बताया गया है। इसमें कहा गया कि 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत की प्रतिक्रिया से यह संघर्ष शुरू हुआ। दोनों देशों ने एक-दूसरे के दूर स्थित ठिकानों को निशाना बनाया।
पाकिस्तान ने छह भारतीय लड़ाकू विमानों को गिराने का दावा किया। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से तीन विमानों के गिराए जाने की पुष्टि हुई है। दावा है कि इनमें राफेल जेट भी शामिल थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने इस संघर्ष में अपने हथियारों का परीक्षण किया, जो भारत-चीन सीमा तनाव के संदर्भ में उसके लिए रणनीतिक रूप से उपयोगी है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस रिपोर्ट को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय इस रिपोर्ट पर अमेरिका से कड़ी आपत्ति दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि यह भारत की कूटनीति के लिए एक गंभीर चुनौती है।
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अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संघर्ष को रोका था। अब इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
