दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग IPL के 2026 मिनी ऑक्शन से पहले एक अहम नियम चर्चा में है। इस नियम के तहत कोई भी विदेशी खिलाड़ी 18 करोड़ रुपये से ज्यादा फीस नहीं ले पाएगा, चाहे उस पर बोली कितनी भी ऊंची क्यों न लगे। IPL 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी में आयोजित होगा, जिसके लिए सभी 10 फ्रेंचाइजियों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

इस मिनी ऑक्शन के लिए कुल 359 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से टीमें सिर्फ 77 खिलाड़ियों को ही खरीद सकेंगी। इनमें 31 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में विदेशी सितारों पर बड़ी बोली लगना तय माना जा रहा है, लेकिन अधिकतम फीस का नियम उनके रास्ते में आड़े आ सकता है।
क्या है IPL का अधिकतम शुल्क नियम?
IPL के नियमों के अनुसार, किसी विदेशी खिलाड़ी को मिलने वाली अधिकतम रकम दो चीजों में से जो कम हो, वही होगी—
- हाईएस्ट रिटेंशन स्लैब
- पिछले मेगा ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ी की कीमत
IPL 2026 से पहले हाईएस्ट रिटेंशन स्लैब 18 करोड़ रुपये तय किया गया था। वहीं, पिछले मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत 27 करोड़ रुपये में बिके थे। इन दोनों में से कम रकम 18 करोड़ होने की वजह से विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम फीस यहीं सीमित हो गई है।
ज्यादा बोली लगी तो पैसा कहां जाएगा?
अगर कोई टीम किसी विदेशी खिलाड़ी पर 18 करोड़ से ज्यादा की बोली लगाती है, तो भी खिलाड़ी को अधिकतम 18 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। अतिरिक्त रकम BCCI के पास जाएगी, जिसका उपयोग खिलाड़ियों के कल्याण के लिए किया जाएगा। हालांकि, जिस टीम ने ज्यादा बोली लगाई होगी, उसके पर्स से पूरी रकम कटेगी।
खेल जगत से जुड़ी खबरें: Click here
किन टीमों के पास है सबसे बड़ा पर्स?
IPL 2026 मिनी ऑक्शन से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के पास सबसे ज्यादा 64.30 करोड़ रुपये बचे हैं। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पर्स में 43.40 करोड़ रुपये हैं। ऐसे में इन दोनों टीमों से ऑक्शन में आक्रामक बोली की उम्मीद की जा रही है।
कुल मिलाकर, IPL 2026 मिनी ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों को लेकर उत्साह तो चरम पर होगा, लेकिन 18 करोड़ का नियम ऑक्शन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है।
